30 हजार भारतीय छात्रों ने आस्ट्रेलिया छोड़ा

मेलबर्न से प्रकाशित पत्रिका 'इंडियन स्टूडेंट' के नए अंक में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि पिछले एक साल में लगातार पलायन के चलते अब आस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के लिए आकर्षक स्थान नहीं रह गया है।
पत्रिका के मुताबिक एफआईएसए के प्रवक्ता गौतम गुप्ता ने कहा कि पलायन का सबसे बड़ा कारण नस्लीय हमले रहे हैं। गुप्ता ने कहा, "साथ ही रोजगारों की कमी के कारण भी भारतीय छात्रों का पलायन हुआ है। शर्ते पूरी करने के बावजूद स्थायी निवास की मंजूरी नहीं मिलना भी एक कारण रहा है।"
पिछले साल आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर लगातार हमले हुए थे। केरल में छुट्टियां बिताने आए पत्रिका के संपादक तिरुवल्लम भाषी ने बताया कि आस्ट्रेलियाई डॉलर की कीमत में मजबूती के कारण भी भारतीय छात्रों की संख्या घटी है।
आस्ट्रेलियाई डॉलर की कीमत में मजबूती वहां स्थायी तौर पर रहने वाले छात्रों के लिए तो फायदेमंद है लेकिन भारत से आस्ट्रेलिया जाना काफी महंगा सौदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि दो साल पहले आस्ट्रेलियाई डालर की कीमत 30 रुपये थी लेकिन अब इसकी कीमत 44 रुपये तक पुहंच गई है। आस्ट्रेलिया में दो साल अध्ययन की औसत फीस 36,000 डॉलर है।












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