न्यूजीलैंड की खान में फंसे सभी कामगारों की मौत (लीड-2)

वेलिंग्टन, 24 नवंबर (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड की 'पाइक रीवर' कोयला खदान में बुधवार को दूसरे विस्फोट के बाद माना जा रहा है कि खदान में फंसे सभी 29 कामगारों की मौत हो गई।

पुलिस ने कहा है कि खदान में बुधवार को 2.37 बजे अपराह्न् एक विस्फोट हुआ और उनका मानना है कि खदान में फंसे किसी भी कामगार के बचे होने की कोई संभावना नहीं है। शुक्रवार को हुए पहले विस्फोट के बाद खदान में कामगार फंस गए थे।

न्यूजीलैंड के खनन इतिहास में इसे पिछले सौ वर्ष में सबसे बड़ी दुर्घटना माना जा रहा है। शुक्रवार को पाइक रीवर कोयला खदान में विस्फोट हो जाने के बाद 29 कामगार करीब 120 फुट की गहराई में फंस गए थे। बचाव अभियान के दौरान बुधवार को दिन में स्थानीय समयानुसार 2.37 बजे दूसरा विस्फोट हुआ। खदान में फंसे कामगारों में न्यूजीलैंड के 24, आस्ट्रेलिया के दो, ब्रिटेन के दो और दक्षिण अफ्रीका का एक नागरिक शामिल हैं।

न्यूजीलैंड हेराल्ड के अनुसार पुलिस अधिकारी गैरी नोल्स ने बताया, "मुझे न्यूजीलैंड की जनता को बहुत दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि खदान में दूसरा विस्फोट हुआ है। अब किसी के जीवित बचने की उम्मीद खत्म हो गई है।"

उन्होंने कहा कि विस्फोट के समय वे खदान पर ही मौजूद थे और यह विस्फोट पहले विस्फोट जैसा ही भयानक था।

बीते कई दिनों से इन कामगारों को बचाने के लिए सेना की मदद से अभियान चलाया जा रहा था। इसमें रोबोट की मदद ली जा रही थी। विषैली गैस की वजह से बचाव दल का खदान के भीतर जा पाना मुश्किल था।

बुधवार के विस्फोट से बड़ा विस्फोट सितंबर 1914 में हंटली में राल्फ खदान में हुआ था। उस विस्फोट में 43 कामगार मारे गए थे।

इससे पहले पाइक रीवर कोयला खदान के मुख्य कार्यकारी पीटर ह्विट्टल ने कहा था कि बचाव दल के लिए खदान में जाना अभी भी असुरक्षित है, लेकिन फिर भी वे सभी कामगारों को बाहर निकालना चाहते हैं।

खदान में फंसे कामगारों की उम्र 17 साल से 62 साल के बीच है।

खबर सुनकर ग्रे जिले के मेयर टोनी कोकशूर्न की आंखें भर आईं। उन्होंने इसे सबसे बुरा दिन कहा।

उन्होंने कहा कि बुधवार को कैमरा लगे रोबोट के खदान में प्रवेश करने के बाद खदान में फंसे कामगारों के परिवारों की उम्मीद जगी थी। लेकिन विस्फोट की खबर सुनते ही वे चीखते हुए फर्श पर गिर पड़े।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की गुरुवार को घटना स्थल पर आएंगे और खदान में फंसे लोगों के परिवार को सांत्वना देंगे। उधर ऊर्जा मंत्री गैरी ब्रॉनली ने कहा कि इस घटना की जांच कराई जाएगी।

भारतीय मूल के गवर्नर जनरल सर आनंद सत्यानंद ने कहा कि इस दुर्घटना का दुख लंबे समय तक बना रहेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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