मिसाइल-तंत्र करेगा नैटो की सुरक्षा

नैटो के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिन ख़तरों का सामना रुस कर रहा है वही ख़तरे अमरीका सहित दूसरे नैटो सदस्यों के सामने भी हैं.उन्होंने कहा, '' हम भविष्य में रूस के साथ सहयोग बढ़ाने की उम्मीद रखते हैं. यह कोशिश सुरक्षा के क्षेत्र में भी रहेगी. हम जानते हैं कि दोनों देशों के ख़तरे कुछ हद तक एक ही हैं. ''
अमरीका के पास पहले से एक मिसाइल रक्षा प्रणाली मौजूद है जो उत्तरी अमरीका में सक्रिय है. रुस इस रक्षा प्रणाली को लेकर अमरीका की आलोचना करता रहा है.हालांकि इस सम्मेलन के ज़रिए सभी नैटो सदस्य इस नई प्रणाली में रुस की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे.नवंबर 2009 में ओबामा ने घोषणा की थी कि अमरीका, पुर्तगाल और चेक गणराज्य में एक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने की योजना बना रहा है.
माना जा रहा है कि यह बैठक संगठन के 61 साल के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक है.इस बैठक के मुख्य एजेंडे में अफ़ग़ानिस्तान का मुद्दा शामिल है.योजना ये है कि 2014 तक अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के सैन्य अभियान को ख़त्म किया जा सके.इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति दिमित्रि मेदवेदेव भी हिस्सा लेंगे जो रूस के साथ नैटो के रिश्तों में सुधार को दर्शाता है. 2008 में जॉर्जिया विवाद के बाद नैटो बैठक में हिस्सा लेने वाले वे पहले रूसी राष्ट्रपति हैं.
नैटों के 28 देशों को उम्मीद है कि वो ये रणनीति तय कर पाएँगे कि अगले एक दशक में अगर संगठन पर कोई ख़तरा आता है तो उससे कैसे निपटना है.अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई शनिवार को सम्मेलन को संबोधित करेंगे. वे चाहते हैं कि नैटो 2014 के अंत तक देश का नियंत्रण सौंप दें.












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