पहले पन्ने पर नहीं है ओबामा का भारत दौरा

बीबीसी संवाददाता, वाशिंगटन
अमरीकी ख़ुद अपने बारे में कहते हैं कि उन्हें देश प्रदेश में घटनाओं की जानकारी टीवी या अख़बारों से मिलती है. मैंने शनिवार और रविवार को अपनी बिल्डिंग और कुछ दूसरी जगहों पर कुछ लोगों से पूछा आप जानते कि आपके राष्ट्रपति इन दिनों कहाँ हैं.
एक के अलावा सभी ने कहा कि वो यहीं व्हाइट हाउस में होंगे. एक ने मज़ाक से कहा कि मध्यावधि चुनाव में हार के बाद वो घर से बाहर निकले भी नहीं हैं. यह है इस देश में बराक ओबामा की भारत यात्रा पर उत्साह का स्तर.पता नहीं मैंने जिनसे बातें कि वो अख़बार या टीवी के दीवाने थे या नहीं.
हालांकि अख़बारों में उनकी भारत यात्रा की चर्चा है, भले ही पहले पन्नों पर न हो, लेकिन चर्चा है. ख़बर एक है लेकिन सुर्खियाँ अलग अलग हैं. राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत के दौरे पर उनके भाषण को यहाँ के अख़बारों ने अलग अलग सुर्खियाँ दी हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स ने सुर्खी लगाई है कि मुंबई के ज़ेवियर्स कॉलेज के छात्रों के बराक ओबामा से चुभते हुए सवाल.
यह ख़बर एक फोटो के साथ छापी गई है जिसमें राष्ट्रपति को बच्चों के साथ थिरकते दिखाया गया है. तस्वीर और ख़बर अलग अलग जगहों की थी. इस अख़बार ने एक लेख छापा है जिसमें इस बात का जायजा लेने की कोशिश की गई है कि भारत में गाँधी के आदर्शों का कितना महत्व है. याद रहे कि ओबामा ने मुंबई में कहा था कि वो गाँधी के आदर्शों से प्रभावित हैं.
अलग अलग सुर्खियाँ
वाशिंगटन पोस्ट ने ओबामा के उस बयान को सुर्खी में जगह दी जिसमें उन्होंने मध्यावधि चुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद अपनी नीतियों में कुछ सुधार लाने की बात कही है. अमरीकी अख़बारों ने ओबामा के मुंबई दौरे के तस्वीरें छापी हैं.
शिकागो ट्रिब्यून ने ओबामा के उस बयान पर सुर्खी लगाई जिसमें उन्होंने पाकिस्तान और भारत के बीच दोबारा बातचीत शुरू करने की सलाह दी. लगभग सभी बड़े अख़बारों ने राष्ट्रपति ओबामा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच मुलाक़ात और राष्ट्रपति की हुमायूँ के मकबरे की यात्रा पर ख़बरें तस्वीरों के साथ छापीं. न्यूयॉर्क टाइम्स में एक संपादकीय छापा है जिसमें भारत और अमरीका के रिश्तों पर गहराई से जायजा लिया गया है.
इसमें यह बात मानी गई है कि भारत और अमरीका के संबंध बेहतर हो रहे हैं और राष्ट्रपति ओबामा की यात्रा से यह और भी मज़बूत होंगे. इसमें यह भी दावा किया गया है कि चीन के बढ़ते हुए असर को अकेला अमरीका या यूरोप नहीं कम कर सकता, भारत की ज़रुरत अवश्य पड़ेगी. पश्चिमी अमरीकी राज्य कॉलिफोर्निया आईटी का गढ़ है जिसे सिलिकन वैली के नाम से जाना जाता है.
यहाँ के अखबार सैन होज़े मरकरी न्यूज़ के अनुसार सिलिकन वैली अब भी दुनिया भर में नए परिवर्तनात्मक व्यापारिक कार्यों के बारे में जाना जाता है लेकिन दस साल के बाद यह संभव है कि यह गढ़ भारत में हो. यहाँ के टीवी चैनलों ने भी ख़ास तौर से सीएनएन और फॉक्स न्यूज़ ने ओबामा की भारत यात्रा पर ख़बरें दिखाई हैं और टिप्पणियां की हैं लेकिन अगर आप भारत के टीवी चैनलों से तुलना करें तो आपको मायूसी होगी.
रविवार को सीबीएस सिक्सटी मिनट न्यूज़ ने राष्ट्रपति ओबामा का एक लंबा इंटरव्यू चलाया जो उनकी भारत यात्रा से कुछ घंटे पहले रिकोर्ड किया गया था इसमें ओबामा ने मध्यवधि चुनाव में हार का कारण आर्थिक संकट बताया है न की उनकी नीतियाँ. इस ख़बर को सभी चैनलों में उनकी भारत यात्रा से अधिक दिखाया गया.












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