पाकिस्तान में दो धमाके, 69 की मौत

बीबीसी उर्दू संवाददाता, पेशावर
पाकिस्तान की दो अलग-अलग मस्जिदों में हुए धमाकों में कम से कम 69 लोगों की मौत हो गई है और 80 से अधिक घायल हैं. घायलों में कई की हालत गंभीर बताई गई है. मरने वालों में बुज़ुर्ग और बच्चे शामिल हैं. एक हमला क़बायली इलाक़े की एक मस्जिद में दोपहर जुमे की नमाज़ के बाद हुआ. यह आत्मघाती हमला था.
इस हमले में कम से कम 65 लोगों के मारे जाने की ख़बरे हैं. जबकि दूसरा हमला पेशावर के पास रात की नमाज़ के बाद हुआ. इसमें हमलावरों ने हथगोले फेंके. इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है.
पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े दर्रा आदमख़ेल से पाँच किलोमीटर दूर स्थिति गाँव अख़रवाल में विस्फोट उस समय हुआ जब लोग जुमे की नमाज़ के बाद बाहर निकल रहे थे. कोहाट के कमिश्नर ख़ालिद ख़ान उमरज़ई ने बीबीसी को बताया कि हमलावर 14-15 साल का एक लड़का था और उसने मस्जिद की गेट पर ख़ुद को उड़ा लिया. उनका कहना है कि धमाका इतना ताक़तवर था कि मस्जिद का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और छत गिर गई.
इस विस्फोट के बाद मस्जिद के बाहर कुछ लोगों ने गोलीबारी भी की जिसमें कुछ लोग और घायल हो गए. घायलों को पेशावर के कई अस्पतालों में ले जाया गया है जिनमें से कई की हालत गंभीर है. जिस मस्जिद में विस्फोट हुआ है वह हाजी वली मोहम्मद की मस्दिज है. हाजी वली मोहम्मद तालिबान के ख़िलाफ़ रहे हैं और शासन के क़रीबी माने जाते हैं.
जिस गाँव में मस्जिद स्थित है उस गाँव के लोग भी तालिबान के ख़िलाफ़ रहे हैं. इस हमले की ज़िम्मदारी किसी ने भी स्वीकार नहीं की है. शुक्रवार को ही एक और मस्जिद पर दूसरा हमला हुआ. यह हमला पेशावर से सात किलोमीटर दक्षिण में स्थित बड़ाबेर गाँव की एक मस्जिद में उस वक़्त हुआ जब लोग इशा की नमाज़ या शाम की नमाज़ के बाद बाहर निकल रहे थे.
अधिकारियों का कहना है कि वहाँ हमलावरों ने हथगोले फेंके. इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है और 20 अन्य घायल हुए हैं. करीब डेढ़ साल पहले भी दर्रा आदमख़ेल में एक आत्मघाती हमला हुआ था जिस में एक सौ से अधिक लोग मारे गए थे. इस इलाक़े में पिछले कई सालों से चरमपंथियों के ख़िलाफ सुरक्षाबलों का अभियान जारी है.












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