ओबामा ने 26/11 पर पाकिस्तान को नहीं लपेटा

जब से यह खबर आयी कि ओबामा मुंबई के होटल ताज में 26/11 के मृतकों को श्रद्धांजली देंगे, तब से ये सवाल उठ रहे थे कि वे पाकिस्तान के हाथ का जिक्र करेंगे या नहीं? क्या वे पाकिस्तान को निशाना बनाएंगे? ओबामा ने ऐसा कुछ नहीं किया। वो अपने भाषण में सिर्फ इतना ही कहते रहे कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए अमेरिका भारत के और करीब आ गया है।
ओबामा की पहली ही स्पीच से यह स्पष्ट हो गया है कि ओबामा अपने भारत दौरे के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं करने वाले या बोलने वाले हैं, जिससे पाकिस्तान को ठेस पहुंचे। इसके पीछे भी कई कारण हो सकते हैं। हो सकता है अमेरिका पाकिस्तान से अपने संबंध खराब नहीं करना चाहता हो, क्योंकि वो लगातार पाकिस्तान को आर्थिक मदद पहुंचा रहा है।
या फिर हो सकता है ओबामा भारत के साथ मैत्रिक व आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने आये हैं। आर्थिक दृष्टि से देखें तो यात्रा से पहले ओबामा ने न्यूयॉर्क टाइम्स में अपने लेख में यह संकेत तो दे ही दिए हैं, कि भारतीय बाजार पर अमेरिका की नजर है।
26/11 से पाकिस्तान का नाम ओबामा के न जोड़ने पर तमाम टीवी चैनलों पर बहस छिड़ गई है। इस बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बने महात्मा गांधी के परपौत्र तुषार गांधी ने इसके एकदम उलट जवाब दिया। टीवी चैनल सीएनएन-आईबीएन से बातचीत में तुषार गांधी ने साफ कहा, अगर ओबामा पाकिस्तान को नहीं लपेटते हैं, तो इसमें क्या हर्ज है। 26/11 हमला भारत पर हुआ है, इसलिए इस मामले में भारत को अपने दम पर कार्रवाई करनी चाहिए, अमेरिका के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने का कोई मतलब नहीं।
अब आप क्या सोचते हैं इस मुद्दे पर? अपनी राय नीचे लिखे हुए कमेंट बॉक्स में लिखें।












Click it and Unblock the Notifications