ओबामा यात्रा : 'सम्बंधों के प्रति महत्व का प्रदर्शन'

सम्पादकीय में यह भी लिखा है कि ओबामा को पाकिस्तान पर इस बात के लिए दबाव बनाने की जरूरत है कि वह मुम्बई हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करे, और इसके साथ ही उन्हें भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु सौदे के बीच आए नए तनावों को दूर करने की भी जरूरत है।
'न्यूयार्क टाइम्स' ने शनिवार को अपने सम्पादकीय में लिखा है, "ओबामा शनिवार से तीन दिनों तक भारत में रहेंगे। राष्ट्रपति के रूप में यह अब तक का उनका सबसे लम्बा विदेश दौरा है। भारतीय अभी भी चिंतित हैं और यह महसूस करते हैं कि उनके लिए पर्याप्त स्नेह नहीं है। लेकिन यह यात्रा अपने आप में इस बात का एक स्पष्ट संकेत है कि ओबामा भारत के साथ सम्बंधों को कितना महत्व देते हैं।"
अखबार ने लिखा है, "अब यह ओबामा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निर्भर है कि वह इस जटिल रिश्ते को कितने टिकाऊ स्तर पर ले जाते हैं।" अखबार ने लिखा है, "दौरे के पूर्व ज्यादा जोर रक्षा और व्यापार सौदों पर रहा है, जिनसे रोजगार पैदा होंगे। इनके महत्व से इंकार नहीं किया जा सकता। लेकिन यदि रणनीतिक मुद्दों को नहीं निपटाया गया तो यह दौरा विफल माना जाएगा।"
ज्ञात हो कि ओबामा अपनी पत्नी मिशेल के साथ शनिवार को भारत (मुम्बई) पहुंचे। यहां से वह इंडोनेशिया के लिए रवाना हो जाएंगे। उसके बाद वह दक्षिण कोरिया और जापान जाएंगे।
सम्पादकीय में लिखा है कि "भारत, अमेरिका की अफगानिस्तान सम्बंधी योजना से और पाकिस्तान के साथ वाशिंगटन के घनिष्ठ सम्बंधों को लेकर चिंतित है। क्योंकि पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र है। भारत-पाकिस्तान परमाणु प्रतिद्वंद्विता खतरनाक बनी हुई है। और चूंकि पाकिस्तानी सेना लम्बे समय से भारत को अपने लिए मुख्य खतरे के रूप में देखती है, लिहाजा वह तालिबान पर पूर्ण रूप से लगाम कभी नहीं लगाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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