अमेरिकी चुनावों में हार, ओबामा के लिए चेतावनी

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ओबामा की पार्टी डेमोक्रेट्स का कांग्रेस चुनावों में हारना, इस बात का प्रतीक माना जा रहा है कि अमेरिकन जनता ओबामा की आर्थिक सुधारों की पक्षधर नहीं है। अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेसेंटेटिव में 2 नवंबर को हुए चुनावों में विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन को 50 से अधिक सीट मिली हैं। इस चुनाव परिणाम के बाद रिपब्लिकन पार्टी को लोअर चैंबर में वर्ष 2006 के बाद पहली बार इतनी बढ़त मिली है। अब बराक ओबामा को रिपब्लिकन पार्टी के सहयोग से ही घरेलू विधायकी एजेंडा पास करने होंगे।
वर्ष 2008 में अमेरिका की सत्ता भारी बहुमत से संभालने वाले बराक ओबामा और उनकी पार्टी डेमोक्रेट्स के लिए ये एक भारी धक्का है। 60% वोटर्स ने आर्थिक सुधारों के प्रति अपनी चिंता जताई है। 9.6% वोटर्स ने बेरोजगारी को सर्वाधिक चिंता का विषय बताया है। इसके अलावा अमेरिकी जनता में से बहुतों का मानना है कि ओबामा ने आर्थिक सुधारों के अपने निर्णयों से अपने पद के अधिकारों की हद से ज्यादा छूट ली है।
इन सब के बीच ओबामा की भारत दौरे की तैयारियां भारत में चरम पर हैं। ओबामा के साथ भारत दौरे में अमेरिका की 200 टॉप कंपनियों के सीईओ भी आ रहे हैं। इन सभी के लिए भारत में सुरक्षा और रुकने के शाही प्रबंध किये गए हैं। ओबामा के भारत दौरे के कार्यक्रम में अमेरिकी सीईओ और भारतीय कंपनियों की साझा बैठक सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।












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