नौका हादसे में मरने वालों की संख्या 62 हुई

हादसे के दौरान नाव पर लगभग 200 लोग सवार थे। इनमें ज्यादातर मुस्लिम तीर्थयात्रियों की संख्या थी। नौका पूर्वी मिदनापुर जिले के हाजी शरीफ से 24 परगना जिले के कॉकद्वीप जा रही थी। शनिवार सुबह यह नाव मूरीगंगा नदी में डूब गई थी। इस हादसे में अभी तक लगभग 51 लोगों को बचा लिया गया है जिसमें से 32 लोगों को कॉकद्वीप के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दक्षिण कोलकाता से 150 किलोमीटर की दूरी पर मूरीगंगा नदी में नाव को डूबे 48 घंटे से अधिक हो गए हैं। नदी से निकाले जा रहे शव बुरी तरह खराब हो चुके हैं। नौसना, तटरक्षक और कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के गोताखोर नदी की तेज धारा और कम दृश्यता के बावजूद लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गोताखोर नाव डूबने के स्थान पर पहुंच रहे हैं। हादसा मूरीगंगा नदी के मुहाने पर हुआ है। यहां से नदी बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। जिला परिषद अध्यक्ष रणजीत मंडल ने बताया कि यहां से बहकर गए दो शव पूर्व मिदनापुर जिले के नयाचर में मिले हैं। इसके अलावा तटरक्षकों को दो और शव घोड़ामाड़ा के समीप मिले हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने रविवार को कॉकद्वीप में इस मामले पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की तथा बचाव कार्य और तलाशी अभियानों की समीक्षा की। उधर, रेल मंत्री ममता बनर्जी ने भी क्षेत्र का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।












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