मित्तल ने रोना रोया, गडकरी की बोलती बंद

लेकिन शायद उन्हें नहीं पता था कि कांग्रेस पर धावा बोलने वाले गडकरी को सबसे पहले सफाई अपने ही पार्टी के नेता सुधांशु मित्तल पर देनी पड़ेगी। मजबुरीवश गडकरी को कहना पड़ा अगर मित्तल दोषी हैं तो उन्हें सजा मिलेगी। बेचारे गडकरी करने कुछ आये थे, हो कुछ और गया।
जबकि वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता सुधांशु मित्तल ने भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारते हुए कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में कथित अनियमितता के लिए उन्हें राजनीतिक बलि का बकरा बनाया गया है। मित्तल ने कहा कि मुझे केवल राजनीतिक बलि का बकरा बनाया गया है। उन्होंने अपने परिवार या खुद के भ्रष्टाचार में शामिल होने से इंकार किया।
मित्तल को भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह और प्रमोद महाजन का नजदीकी माना जाता है। मित्तल ने कहा कि उनकी कंपनी दिल्ली टेंट एंड डेकोरेटिव ने राष्ट्रमंडल खेलों की एजेंसियों से केवल 29 लाख का बिजनेस किया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की अनियमितताओं की जांच के नाम पर राजनीतिक बदला लिया जा रहा है।
मित्तल ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों पर कुल 77 हजार करोड़ रुपए खर्च किये गये और इसमें से मेरी कंपनी ने केवल 29 लाख रुपए का व्यवसाय किया। अब मुझे भ्रष्टाचार का मुख्य स्रोत माना जा रहा है। क्या यह ठीक है कि मित्तल ने कहा कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। दीपाली डिजाइन के साथ अपने संबंधों पर मित्तल ने कहा कि वह एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में इस साल फरवरी में कंपनी से जुड़े थे और जुलाई में इस्तीफा दे दिया था। इसी कंपनी को 230 करोड़ रुपए के ठेके दिये गये थे।
मित्तल ने कहा कि दीपाली डिजाइन में मेरा एक भी शेयर नहीं है। न ही मेरे परिवार के किसी नजदीकी व्यक्ति का एक भी शेयर है। मुझसे बोर्ड में एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल होने का अनुरोध किया गया था। मित्तल ने कहा कि दीपाली डिजाइन ने उनके निदेशक बनने से पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बोली लगाई थी।












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