फ्रांस में पेंशन सुधारों के खिलाफ हड़ताल जारी
समाचार पत्र 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' के मुताबिक सरकोजी ने सेवानिवृत्ति की औसत आयु मौजूदा 60 साल से बढ़ाकर 62 साल करने का प्रस्ताव दिया है। इससे सरकार को देश में पेंशन फंड में राशि की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रपति की इस योजना को आगे बढ़ाने से रोकने के लिए श्रमिक संगठन हड़ताल के जरिए दबाव बना रहे हैं।
उत्तरी फ्रांस के शहर ड्यूविले में एक पत्रकार वार्ता में सरकोजी ने कहा, "यदि मैं अपना काम करने में असफल रहा तो इससे बड़ी समस्या पैदा होगी। हमें यह तय करना होगा कि हम आज और कल दोनों के लिए पेंशन का कितना खर्च वहन कर सकते हैं।"
सरकोजी ने कहा कि फ्रांस के लोग पड़ोसी यूरोपीय संघ के ज्यादातर सेवानिवृत्त लोगों से कम आयु में सेवानिवृत्त होने वाले लोगों का खर्च नहीं उठा सकते। हमें बढ़ती जीवन प्रत्याशा के मुताबिक पेंशन लाभों में कमी या सेवानिवृत्ती की आयु बढ़ानी पड़ेगी।
समाचार पत्र के मुताबिक विभिन्न सर्वेक्षणों में फ्रांस के लोगों ने श्रमिक हड़ताल को लेकर सहानुभूति जताई है। हड़ताल लगातार विस्तृत होती जा रही है और हिंसक घटनाएं बढ़ती जा रही हैं इससे स्थिति सरकोजी के पक्ष में जा सकती है।
फ्रांस के सर्वेक्षण समूह के फांकोइस माइक्वेट मार्टी ने कहा, "ज्यादा उग्र हड़ताल सरकोजी के लिए फायदेमंद होगी। यदि हड़ताल से लोगों का जनजीवन प्रभावित होगा तो फ्रांस के लोग इसे पसंद नहीं करेंगे।"
श्रमिक संगठनों ने मंगलवार को पिछले दो महीनों में छठवीं बार पूरे देश में जुलूस निकाले। संगठनों का कहना है कि सेवानिवृत्ती की आयु 60 साल ही रहनी चाहिए।













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