बिहार में मतदाताओं को रिझाने की अंतिम कोशिश

पहले चरण के तहत जिन क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, उनमें नीतीश सरकार के चार मंत्रियों समेत कई पूर्व मंत्री और सांसद शामिल हैं। सभी प्रत्याशी अधिक से अधिक मतदाताओं से खुद मिलने का प्रयास कर रहे हैं।
सुपौल विधानसभा सीट से भाग्य आजमा रहे मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव बुधवार को सुबह से ही क्षेत्र में मतदाताओं से मिल रहे हैं, जबकि सिमरी बख्तियारपुर से कांग्रेस प्रत्याशी एवं कांग्रेस के बिहार ईकाई के अध्यक्ष महबूब अली कैसर घर-घर जाकर मतदाताओं से कांग्रेस को वोट देने की अपील कर ही रहे हैं।
इधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के टिकट पर पूर्णिया से चुनाव लड़ रहे अमित सरकार ने भी अपनी पूरी ताकत जनसंपर्क में झोंक दी है। उनका कहना हैं कि जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है अंतिम फैसला तो गुरुवार को मतदाताओं को ही करना है।
झंझारपुर से जनता दल (युनाइटेड) के टिकट से चुनाव लड़ रहे पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र के पुत्र नीतीश मिश्र कहते हैं कि सभी प्रत्याशियों के पास अपने-अपने एजेंडे हैं और उन्हें बताकर सभी प्रत्याशी अपने लिए मत मांग रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण के चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम समाप्त हो गया। मतदान गुरुवार को होना है। राज्य के प्रथम चरण के तहत मधुबनी, अररिया, सुपौल, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा जिलों में चुनाव होना है।
बिहार के 243 विधानसभा सीटों के लिए छह चरणों में होने वाले चुनाव के पहले चरण में 47 सीटों के लिए 631 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें सतारूढ़ दल जद (यु) के 26, भाजपा के 21, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 31, राजद की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) 16, माकपा के सात, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 33 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने भी राज्य के सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
गौरतलब है प्रथम चरण के चुनाव में 10,454 मतदान केंद्रों पर कुल एक करोड़ छह लाख 99 हजार 895 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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