घोटालों का घर था कॉमनवेल्थ गेम : नितिन गडकरी

नितिन गडकरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि खेलों के आयोजन को लेकर फर्जी बजट बनाए गए। बजट में कई बार बदलाव किए गए, उन्होंने कहा कि क्वींस बेटन रिले से लेकर नेहरू स्टेडियम बनाने तक में घोटाला किया गया. गडकरी ने खेलों के आयोजन में प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका को लेकर भी तीखे प्रहार किए।
गडकरी ने कहा, "राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तय बजट को कई बार बढ़ाया गया और हर बार केंद्रीय मंत्रिमंडल के अनुमोदन से ऐसा हुआ। आयोजन समिति को जो राशि आवंटित की गई, उसकी स्वीकृति सीधे पीएमओ द्वारा दी गई। मेरा सवाल यह है कि इतने बड़ी राशि के आवंटन को स्वीकृति देते समय कोई जांच-पड़ताल क्यों नहीं की गई?"
गडकरी ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएमओ के अलावा केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और दिल्ली में शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली सरकार को आड़े-हाथों लिया। उन्होंने कहा, "खेलों से जुड़ी तैयारियों के लिए राशि का आवंटन शहरी विकास मंत्रालय के जरिए हुआ। ऐसे में यह मंत्रालय भी भ्रष्टाचार के घेरे में आता है। दिल्ली की शीला सरकार ने भी खेलों के नाम हजारों करोड़ रुपये खर्च किए। यहां तक दलित कल्याण कोष की राशि भी खेलों के नाम पर खर्च कर दी गई। मेरा सवाल यह है कि ऐसा क्यों किया गया।"
गौरतलब है कि कई केंद्रीय एजेंसियां कॉमनवेल्थ खेलों के आयोजन में हुई वित्तीय गड़बडि़यों की जांच कर रही हैं। आयकर विभाग ने मंगलवार को ही दिल्ली में कई स्थानों पर छापेमारी की है. इनमें सुधांशु मित्तल की कंपनी आईआरईओ भी शामिल है। आयकर विभाग ने कॉमनवेल्थ गेम्स परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदार सुधांशु मित्तल के परिसरों की तलाशी ली। इसके अलावा विभाग ने इन परियोजनाओं से जुड़े दिल्ली स्थित तीन-चार अन्य ठेकेदारों के परिसरों पर भी छापा मारा।












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