खेलों के ख़र्चों की जाँच तीन महीने में

भारतीय नियंत्रक एवं महालेखाकार विनोद राय ने दिल्ली में एक सम्मेलन में कहा कि व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर उनके विभाग ने तीन महीने के भीतर खातों की जाँच पूरा करने का फ़ैसला किया है. उन्होंने बताया कि ये जाँच एक समग्र जाँच होगी जिसमें खेलों से जुड़े सभी संस्थानों के खातों की जाँच होगी.
विनोद राय ने कहा,"ख़र्चे बहुत हुए . इनकी जाँच का काम बहुत बड़ा है. सारा काम कम-से-कम 20 अलग-अलग संस्थानों से जुड़ा है." इस बीच राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने के बारे में केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए मंत्रियों के समूह ने भी दिल्ली में एक बैठक कर इस बारे में चर्चा की.
जाँच
भारतीय नियंत्रक एवं महालेखाकार विनोद राय ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों के ख़र्चों की जाँच का काम अलग तरह का है. उन्होंने कहा,"ये जाँच दूसरी तरह की जाँच के जैसा नहीं है. यदि हम इसमें छह-आठ महीने लगाते हैं तो फिर सारा उद्देश्य ही ख़त्म हो जाएगा. इसलिए हमने फ़ैसला किया है और ऐसा कार्यक्रम बनाया है जिससे कि जाँच का परिणाम यथाशीघ्र सामने रखा जा सके."
उन्होंने बताया कि ये रिपोर्ट गोपनीय होगी जिसे संसद में रखा जाएगा. नियंत्रक एवं महालेखाकार का बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार ने राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर अनियमितताओं की शिकायतों की जाँच एक समिति से करवाने की घोषणा की है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले शुक्रवार को पूर्व नियंत्रक एवं महालेखाकार वी के शुंगलु की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी. प्रधानमंत्री ने साथ ही संबद्ध मंत्रालयों को अनियमितताओं के बारे में समग्र जाँच करने का निर्देश दिया था और कहा था कि दोषी लोगों को कड़ा़ और तत्काल दंड दिया जाना चाहिए.












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