कर्नाटक संकट पर सोमवार को फैसला सुनाएगी उच्च न्यायालय
उच्च न्यायालय सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैय्या द्वारा अयोग्य करार दिए गए 16 विधायकों की याचिका पर फैसला सुनाएगा। न्यायालय में आज दोनों पक्षकारों के बीच बहस होती रही। एक ओर राज्य के 16 'अयोग्य' विधायक हैं जिनका पूरा कार्यकाल दांव पर लगा हुआ है वहीं दूसरी ओर प्रदेश की भाजपा सरकार है जो केवल 29 महीने पुरानी है।
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इस संकट से उबरने के लिए विशेष पूजा-अर्चना तक कर डाली है। इधर राज्यपाल (कांग्रेस) की अत्याधिक क्रियाशीलता और विधानसभा अध्यक्ष (भाजपा) के अचानक उठाए गए कदम से पूरा राज्य कांग्रेस और भाजपा के खेमों में बंट गया है।
गौरतलब है कि अब सारी बहस इस मुद्दे पर टिकी है कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उठाया गया कदम संवैधानिक था या राज्यपाल हंसराज भारद्वाज द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को विधायकों को अयोग्य करार ना दिए जाने का आदेश संवैधानिक था। अब देखना ये है कि कांग्रेस-भाजपा के इस महासंग्राम में संवैधानिक जीत किसकी होती है।













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