सीपी ठाकुर ने इस्तीफ़ा वापस लिया

बीबीसी संवाददाता, पटना
घटना के बाद से ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से उनके मान मनौव्वल की कोशिशें शुरू हो गईं. बिहार में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर ने आख़िरकार अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. सीपी ठाकुर ने ये फ़ैसला भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद लिया.
माना जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष द्वारा अपनी मांगों पर विचार करने के आश्वासन के बाद उन्होंने इस्तीफ़ा वापस लेने का फ़ैसला किया है. सीपी ठाकुर की मांग है कि बिहार में आगामी चुनावों के मद्देनज़र विक्रम और बेग़ुसराय विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा उम्मीदवारों को बदला जाए. साथ ही उनके बेटे विवेक ठाकुर को बिहार विधान सभा परिषद का सदस्य बनाने की मांग भी रही है.
चर्चा है कि सीपी ठाकुर राज्य के बांकीपुर विधान सभा क्षेत्र से अपने बेटे की उम्मीदवारी की कोशिश कर रहे थे. लेकिन इस क्षेत्र से टिकट पटना पश्चिम के विधायक नितिन नवीन को दे दिया गया. बिहार में चुनावों से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफ़े से भाजपा में खलबली मच गई थी.
इस घटना के बाद से ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से उनके मान मनौव्वल की कोशिशें शुरू हो गईं हैं. बिहार में ठीक चुनाव के वक्त सीपी ठाकुर की ओर से इस्तीफा देना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. सीपी ठाकुर ने कहा, "टिकट बंटवारे में न तो मेरे सुझावों पर पूरा ध्यान दिया गया और न ही कुछ सीटों पर उम्मीदवारी देने में हमें विश्वास में लिया गया."
उन्होंने कहा था कि वो चुनावों के दौरान पार्टी के प्रचार के लिए में भी नहीं जाएंगे. सीपी ठाकुर के समर्थकों का मानना है कि उनके इस क़दम के लिए बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी ज़िम्मेदार हैं.












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