राष्ट्रमंडल खेल : 7000 मेहमानों के लिए 250 पकवान

खेल गांव के प्रमुख खानसामा अजय सूद और जतिंदर उप्पल के मुताबिक 250 में से 120 तरह के व्यंजनों को 'हॉट डिश' की श्रेणी में रखा जा सकता है। इसके अलावा कई अन्य तरह के देसी और विदेशी व्यंजन खिलाड़ियों और अधिकारियों को परोसे जाते हैं, जिनकी कुल संख्या 250 तक पहुंच जाती है।

विदेशी मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखकर रोजाना कम से कम चार या पांच तरह के पिज्जा, एक दर्जन प्रकार के सलाद तैयार किए जाते हैं। इनमें कांटिनेंटल और इंडियन के अलावा मेक्सिकन सलाद प्रमुख हैं। उप्पल ने बताया कि प्रत्येक छठे दिन व्यंजनों की सूची बदल जाती है। मसलन, अगर किसी खिलाड़ी ने एक खास प्रकार का व्यंजन गुरुवार को खाया है तो उसे वह व्यंजन अगली बार अगले गुरुवार को ही मिलेगा।

इन तमाम व्यवस्थाओं को सुचारू रूप देने के लिए खेल गांव की विशालकाय रसोई में 240 रसोइए 24 घंटे काम करते हैं। यह रसोई पिछले एक महीने से बंद नहीं हुई है। खिलाड़ियों को 24 घंटे पसंद का खाना मिलता है जिसे वे बड़े चाव से खाते हैं और जमकर तारीफ भी करते हैं।

सूद ने बताया कि 71 देशों के मेहमानों की पसंद और नापसंद को ध्यान में रखते हुए खान-पान दीर्घा को सात वर्गो में विभाजित किया गया है। इसमें पिज्जा वर्ग, इंडियन तंदूर वर्ग (शाकाहारी और मांसाहारी), एशियाई वर्ग, वेस्टर्न वर्ग और सिजलिंग सलाद वर्ग शामिल हैं।

सूद और उप्पल ने बताया कि विदेशी मेहमानों के साथ-साथ भारतीय खिलाड़ियों और अधिकारियों को भी खेल गांव की रसोई का स्वाद बड़ा रास आ रहा है। सबने इस रसोई की खूब तारीफ की है। भारतीय खिलाड़ी जहां भारतीय व्यंजनों को ज्यादा पसंद करते हैं वहीं विदेशी मेहमान भी भारतीय व्यंजनों, खासकर चिकन और मटन करी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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