रोहिंटन मिस्त्री का उपन्यास पाठ्यक्रम से बाहर
विश्वविद्यालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, "हमने एक परिपत्र जारी कर कहा है कि किताब में कुछ आपत्तिजनक बातें हैं जिनके चलते उसे पाठ्यक्रम से बाहर किया जा रहा है।"
मिस्त्री का उपन्यास 2007 में बी.ए. इंग्लिश के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया था।
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के पोते व बीवीएस नेता आदित्य ठाकरे ने बी.ए. के कुछ छात्रों की शिकायतों के बाद सेना भवन में बैठक की थी। छात्रों का कहना था कि मिस्त्री की किताब में कुछ शिव सेना विरोधी बातें लिखी गई हैं। बैठक के बाद विद्यार्थी सेना का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।
बीवीएस के सचिव दिनेश बोबाते का कहना है, "यह बहुत आश्चर्य की बात है कि यह उपन्यास अब तक पाठ्यक्रम में था। इसके कुछ पृष्ठों खासकर 72 व 75 नंबर पृष्ठ पर बहुत आपत्तिजनक और भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। कुछ अन्य पृष्ठ भी शिव सेना की छवि खराब करते हैं।"
बीवीएस के सदस्य इससे पहले इस उपन्यास की कुछ प्रतियां जला भी चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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