अपहृत पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए 'गुप्त' बातचीत
राज्य पुलिस मुख्यालय के उच्च सूत्रों ने आईएएनएस को बताया, "प्रशासन ने प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के साथ पिछले दरवाजे से संपर्क स्थापित किया है। राज्य सरकार नक्सलियों के साथ गुप्त बातचीत कर रही है।"
सूत्रों का कहना है, "हम नक्सलियों की मांगों पर गौर कर रहे हैं। हमने यह बात नक्सलियों तक पहुंचा दी है कि समयसीमा बढ़ाई जाए। यह भी स्पष्ट कर दिया है कि हमारे पुलिसकर्मियों पर बंदूक रखकर कोई मांग नहीं मनवाई जा सकती है।"
यद्यपि, प्रदेश सरकार नक्सलियों के साथ बातचीत पर चुप्पी साधे हुए है। सरकार ने फिलहाल इस बात से इंकार किया है कि वह नक्सलियों के साथ कोई बातचीत कर रही है।
नक्सलियों ने 19 सितम्बर को बीजापुर के भोपालपटनम इलाके से सात पुलिसकर्मियों को अगवा कर लिया था। बाद में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई। नक्सलियों ने रविवार शाम अपनी कुछ मांगे रखते हुए शेष चार पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए 48 घंटे की समयसीमा तय कर दी थी।
राज्य के पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन ने आईएएनएस से कहा, "नक्सलियों की मुख्य मांग ऑपरेशन ग्रीन हंट को बंद करने की है। इसके अलावा कुछ संदिग्ध नक्सलियों की रिहाई की मांग भी की गई है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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