अयोध्या विवाद : मुस्लिम समुदाय ने किया फैसले का स्वागत
उत्तर प्रदेश स्थित देश के एक प्रमुख मुस्लिम मदरसा, दारुल उलूम देवबंद ने आईएएनएस को बताया कि फैसला सुनाए जाने में देरी किए जाने से केवल सांप्रदायिक सौहाद्र्र का माहौल बिगड़ेगा और अविश्वास का वातावरण पैदा होगा।
दारुल उलूम देवबंद में शिक्षक, मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने कहा, "यह मुद्दा पिछले 60 सालों से लटका पड़ा है। अब समय आ गया है, जब मामले को निपटा लिया जाना चाहिए।"
आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए बोर्ड के सदस्य एवं कानूनी संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ 30 सितम्बर को फैसला सुनाएगा। यह सभी के लिए अच्छा होगा।"
इस उपमहाद्वीप का सबसे पुराना मुस्लिम संगठन, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना नियाज अहमद फरुखी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला इस विवाद के इर्द-गिर्द व्याप्त अनिश्चितता को समाप्त करने में मददगार साबित होगा।
फारुखी ने कहा, "विवाद को लटकाने से यह और जटिल हो जाएगा.. यह शांति में खलल डालेगा.. लोग उच्च न्यायालय के फैसले के प्रति अपना मन बना चुके हैं और वे उसे सुनने के लिए तैयार हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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