निठारी हात्याकांड : कोली को फिर मौत की सजा (लीड-1)
सीबीआई की विशेष अदालत के जज ए.के. सिंह ने आठ वर्षीया बच्ची रचना की हत्या के आरोप में कोली को मौत की सजा सुनाई। रचना एक मजदूर पप्पू लाल की बेटी थी।
अदालत इससे पहले रिम्पा हलधर और आरती हत्या मामले में कोली को सजा-ए-मौत सुना चुकी है। कोली नोएडा के व्यवसायी मनिंदर सिंह पंढेर के यहां काम करता था।
मंगलवार को न्यायाधीश ने जब अपना निर्णय सुनाया तो कोली अदालत में मौजूद था। उस वक्त कोली के चेहरे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं थी।
सीबीआई के विशेष वकील जे.पी. शर्मा ने बताया कि रचना हत्या मामले में अदालत ने कोली को हत्या, अपहरण, दुष्कर्म और सबूत मिटाने के जुर्म में सजा सुनाई है।
उसे हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई है। अन्य अपराधों के लिए उसे अलग-अलग मामलों में उम्रकैद से लेकर सात साल की जेल सजा दी गई है। विभिन्न अपराधों के लिए उस पर 3,000 से 1,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया है।
करीब 122 दिन तक सुनवाई चलने के बाद अदालत ने 27 सितम्बर को कोली को अभियुक्त करार दिया था। मामले में 47 गवाहों ने अपनी गवाही दी। कोली की तरफ से सिर्फ पंढेर का ड्राइवर ही एकमात्र गवाह था।
रचना 10 अप्रैल, 2006 को एक स्थानीय दुकान से परचून का कुछ सामान खरीदने गई थी लेकिन वह वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसके पिता ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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