अयोध्या विवाद: कल्याण बोले, बातचीत से नहीं हो सकता फैसला
कल्याण ने मंगलवार को एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, "सर्वोच्च न्यायायल को पहले भी इस मामले में देर नहीं करनी चाहिए। अब उच्च न्यायालय का फैसला जल्द आना चाहिए। इस मामले को लेकर अनिश्चितता नहीं रहनी चाहिए।"
उन्होंने शाह बानो प्रकरण का हवाला देते हुए कहा, "सरकार को चाहिए कि शाह बानो मामले की तरह संसद में कानून बनाकर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे। मेरा मानना है कि इस मामले का हल अब बातचीत से नहीं निकल सकता।"
प्रधान न्यायाधीश एच. एस. कपाड़िया की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने सेवानिवृत्त नौकरशाह रमेश चंद्र त्रिपाठी द्वारा दायर की गई याचिका खारिज करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय को इस मामले में फैसला सुनाने की हरी झंडी दे दी। सर्वोच्च न्यायालय ने गत 23 सितम्बर को त्रिपाठी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के गत 24 सितम्बर के बहुप्रतीक्षित फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
याचिका में अयोध्या विवाद पर फैसला टालने और इस जटिल मामले का अदालत से बाहर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की संभावना तलाशने के लिए संबंधित पक्षों को निर्देश देने की अपील की गई थी। याचिका में कम से कम तीन से 14 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों तक इस फैसले को टालने की भी अपील की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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