माओवादियों के साथ बड़ी मुठभेड़

सलमान रावी
बीबीसी संवाददाता, रायपुर
सुरक्षा बलों का कहना है कि कई माओवादी नेता एक बैठक के लिए इकट्ठे हुए थे
झारखंड के पूर्वी सिंघभूम के इलाक़े में पिछले 36 घंटों से माओवादियों को सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी है.
अब तक इस कार्रवाई में तीन पुलिस जवानों की मौत हुई है और नौ घायल हुए हैं.
इस कार्रवाई के बीच माओवादियों ने कुल 18 विस्फोट किए हैं और दो सरकारी भवनों को उड़ा दिया है.
सुरक्षा बलों की ओर से 15 माओवादियों को मारने का दावा किया गया है लेकिन उनका कहना है कि अब तक सिर्फ़ एक ही शव बरामद किया जा सका है.
सुरक्षा बलों का दावा है कि माओवादियों के कई बड़े नेता इस इलाक़े में बैठक करने आए हुए थे और इस कार्रवाई में वे घिर गए हैं.
इस इलाक़े में इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है.
सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई सारंडा के जंगलों में तिरलपोसी में चल रही है.
इस अभियान में झारखंड पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान हैं. कई बड़े अधिकारी इस अभियान का हिस्सा हैं.
अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि इस इलाक़े में कई बड़े माओवादी नेता एक बैठक में शामिल होने के लिए आए हुए हैं. इसके बाद सुरक्षा बलों ने उनकी घेराबंदी की है.
हालांकि अधिकारी सुरक्षा बलों के जवानों के बारे में विवरण नहीं दिया है लेकिन ख़बर मिली है कि कोई तीन हज़ार जवान इसमें हिस्सा ले रहे हैं.
सूचना है कि कुछ जगहों पर माओवादियों ने सुरक्षा बलों को भी घेर रखा है.
इसके बाद सुरक्षा बलों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर बुलाए गए हैं.
नक्सली मामलों के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक और प्रवक्ता राजकुमार मलिक के अनुसार माओवादियों की ओर से कुछ बारूदी सुरंग सहित कुठ 18 विस्फोट किए गए हैं.
माओवादियों ने आनंदपुर में एक पंचायत भवन और एक आदिवासी हॉस्टल को उडा़ दिया गया है.
उल्लेखनीय है कि सारंडा में घने जंगलवाला इलाक़ा है और इसमें सागौन की लड़की बहुतायत से पाई जाती है और लोहे की बड़ी खदानें हैं.












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