एम्स प्रमुख को अदालत का नोटिस
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली एक खण्डपीठ ने एम्स के निदेशक आर.सी.डेका से 30 सितम्बर को अदालत में उपस्थित होने और जगह उपलब्ध कराने में विलंब होने का कारण बताने का निर्देश दिया है।
इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए खण्डपीठ ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह एम्स परिसर में सुरेखा पब्लिक चैरिटी ट्रस्ट के लिए किसी जगह की तलाश करे।
अदालत ने कहा, "हम इस बात को स्वीकार करने से इंकार करते हैं कि एम्स जैसे विशाल परिसर में किसी समाजसेवी संगठन के लिए जगह उपलब्ध नहीं है, जो कि मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराता हो।"
अदालत ने शुक्रवार को दिए अपने एक आदेश में कहा, "यदि नाई की दुकानों, दर्जी की दुकानों और ब्यूटीपार्लरों के लिए जगह आवंटित किया जा सकता है तो इस तरह के समाजसेवी उद्देश्य के लिए तो निश्चित रूप से स्थान आवंटित किया जा सकता है।"
ट्रस्ट ने अदालत में दायर अपनी याचिका में कहा कि एम्स में किसी समाजसेवी संस्था को जगह नहीं आवंटित किया गया है, जिससे कि वहां दवा की दुकान खोल कर गरीब मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications