जमुना देवी को बेटी ने दी मुखाग्नि
लगभग छह दशक तक प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने वाली जमुना देवी की गरीब, कमजोर और जनजातीय नेता के रूप में पहचान रही है। सभी दलों के नेताओं द्वारा बुआजी के संबेाधन से पुकारी जाने वाली जमुना देवी पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं और शुक्रवार की सुबह एक निजी चिकित्सालय में उनका निधन हो गया था।
शनिवार को जमुना देवी की अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, रंजना बघेल, गौरी शंकर बिसेन तथा भारतीय जनता पार्टी के महासचिव नरेंद्र सिंह के साथ-साथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश पचौरी, महासचिव दिग्विजय सिंह, वी. के. हरिप्रसाद, केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, केंद्रीय राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अरुण यादव सहित अनेक कांग्रेसी नेता शामिल हुए।
जमुना देवी की पहचान बेबाक नेता की रही है। सरकार चाहे किसी की भी रही हो उन्होंने अपनी बात कहने में कभी भी हिचक नहीं दिखाई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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