25 प्रतिशत भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी
टी.जी. बीजू
नई दिल्ली, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। विभिन्न सरकारी एजेंसियों के गोदामों में अनाज के सड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय की नाराजगी के बाद सरकार ने अगले पांच सालों में भंडारण क्षमता 1.7 करोड़ टन तक बढ़ाने का फैसला लिया है। इस साल अनाज के सड़ने से 58,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कृषि राज्य मंत्री के.वी. थॉमस कहते हैं, "हम इस वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त 10 लाख टन खाद्यान्न के भंडारण की क्षमता बढ़ाएंगे। अगले पांच साल में हम अतिरिक्त 1.7 करोड़ टन अनाज के लिए भंडारण क्षमता बढ़ाएंगे।"
थॉमस ने आईएएनएस से एक साक्षात्कार में कहा, "मैं इसी समय यह भी जोड़ना चाहूंगा कि इस बार 9.3 करोड़ टन खाद्यान्न की कुल खरीद हुई थी और इसमें से 70,000 टन अनाज सड़ गया लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए था।"
उन्होंने कहा, "खाद्य सुरक्षा कानून के लागू होने के बाद लोगों की जरूरत को पूरा करने के लिए हमें देश का कृषि उत्पादन कई गुना बढ़ाना है। इसके लिए हमारे पास एक बेहतर भंडारण क्षेत्र होना चाहिए और आने वाले समय में ऐसा जरूर होगा।"
थॉमस ने बताया कि भंडारण क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए भारतीय अधिकारियों से बातचीत के लिए अगले महीने चीन से तकनीकी विशेषज्ञों का एक दल बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि थॉमस कुछ महीने पहले चीन के खाद्यान्न एवं भोज्य पदार्थो के भंडारण तंत्र के अध्ययन के लिए चीन गए थे।
वर्तमान में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) की 8.7 करोड़ टन अनाज भंडारण की क्षमता है। सीडब्ल्यूसी के 1.06 करोड़ टन क्षमता के 487 भंडार गृह और 1,500 गोदाम हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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