घाघरा नदी का तटबंध टूटा, 50 गांव जलमग्न
गोंडा जिले में घाघरा नदी पर बना करीब 22 किलोमीटर लंबा भिखारीपुर-सिकरौर तटबंध शनिवार तड़के सुजौली मोहम्मदपुर गांव के पास तेज बहाव के कारण टूट गया। तटबंध अब तक 300 मीटर कट चुका है।
गोंडा के अपर जिलाधिकारी (वित्त) विवेक पांडे ने रविवार को आईएएनएस को बताया कि तटबंध के आस-पास के प्रभावित गावों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। तटबंध टूटने से करीब 20,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
पांडे ने कहा कि तटबंध के कटान को और अधिक बढ़ने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। पत्थर के बोल्डर व मिट्टी डालने का सिलसिला जारी है। घाघरा के जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। बाढ़ से गोंडा जिले की करीब एक लाख आबादी पहले से ही प्रभावित है।
बीते महीने घाघरा के तेज बहाव से बाराबंकी जिले में एल्गिन-चरसारी तटबंध टूट जाने से बाराबंकी व सीमावर्ती गोंडा के करीब 50 से अधिक गांव जलमग्न हो गए थे।
प्रदेश के बाढ़ प्रभावित गोंडा, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सीतापुर, पीलीभीत में घाघरा, शारदा और सरयू नदी से करीब 3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुई है। खरीफ की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है।
उधर, मथुरा में खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना का पानी निचले इलाकों के करीब 20 गावों में प्रवेश कर गया है। प्रभावित इलाकों में प्रशासन की तरफ से राहत व बचाव कार्य जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि बाराबंकी, गोंडा, बहराइच और लखीमपुर खीरी जिलों में बाढ़ से अब तक 20 मौतें हो चुकी हैं।
राज्य में बारिश का दौर जारी है और अधिकांश इलाकों में शनिवार शाम सामान्य बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह तक प्रदेश के तराई और पश्चिमी हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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