कश्मीर में कर्फ्यू जारी, हिंसा में 3 युवकों की मौत (राउंडअप)
श्रीनगर/ नई दिल्ली, 17 सितम्बर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में शुक्रवार को सुरक्षाबलों की गोलीबारी में तीन और युवकों की मौत हो गई। इसके बाद गत 11 जून से जारी हिंसा के ताजा दौर में मरने वालों की संख्या बढ़कर 93 हो गई। जबकि घाटी के सभी प्रमुख शहरों में कर्फ्यू लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा।
इस बीच शुक्रवार को श्रीनगर हवाईअड्डे को नागरिक उड़ानों के लिए खोल दिया गया, जो तीन सितम्बर से रनवे की मरम्मत कार्य के कारण बंद था।
पुलिस के मुताबिक बारामूला जिले से लगभग 35 किलोमीटर दूर तापेर गांव के पास लोगों ने श्रीनगर-बारामूला सड़क को जाम कर दिया। उन्हें हटाने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा हस्तक्षेप करने पर भीड़ ने पत्थराव शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक उग्र प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी।
पुलिस के मुताबिक गोलीबारी के दौरान गुलाम रसूल भट्ट (25) नाम का एक प्रदर्शनकारी घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में तीन प्रदर्शनकारी घायल भी हुए हैं।
इससे पहले राज्य के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पीड़ित युवक की पहचान फैय्याज अहमद (22) के रूप में की गई।
शोपोर के श्रीमल क्षेत्र में अन्य युवक इम्तियाज अहमद भी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पुलवामा में अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि इस सभी घटनाओं में 12 अन्य प्रदर्शनकारी घायल भी हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक ये घटनाएं उस समय हुईं जब प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू के नियमों का उल्लंघन कर सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया।
इस बीच जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासिन मलिक के भाई यासीर हमीद शेख का शव शुक्रवार को यहां पहुंच गया। शेख 30 अगस्त को पुलिस की गोली से घायल हो गए थे और उनका दिल्ली आपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "श्रीनगर शहर और उत्तरी कश्मीर के सोपोर, बारामूला, हनद्वाडा, कुपवाड़ा, त्रेहगाम, गांदेरबल, बांदीपोरा, कस्बों में शुक्रवार को भी बेमियादी कर्फ्यू जारी रहा।"
अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा अनंतनाग, पुलवामा, कूइमोह, बिजबेहरा, कुलगांम, शोपियां, पामपोर, मध्य बडगाम, चादुरा, ओमपोरा और हुमहामा कस्बों में भी कर्फ्यू में ढील नहीं दी गई।
इधर, दिल्ली के राजनीतिक हलकों से मिली जानकारी के मुताबिक हिंसा ग्रस्त कश्मीर की स्थिति का जायजा लेने के लिए वहां जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल सोमवार और मंगलवार को जम्मू और कश्मीर का दौरा करेगा।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) कार्यालय के पदाधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि सरकार और पार्टी पहले केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को प्रतिनिधिमंडल का नेता बनाने पर विचार कर रही थी लेकिन बाद में विचार बदल दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक जम्मू एवं कश्मीर के कांग्रेस नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से गुहार लगाई है।
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस कोर कमेटी की हुई बैठक में इस संबंध में विचार किया गया। गांधी ने वरिष्ठ मंत्रियों प्रणब मुखर्जी, पी. चिदंबरम और रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी के साथ कश्मीर के ताजा हालात और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए कांग्रेस की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज भी शामिल हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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