ओबामा ने एशियाई-अमेरिकी पैनल में 3 भारतीयों को शामिल किया
वाशिंगटन, 17 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एशियाई, अमेरिकी तथा प्रशांत द्वीपवासियों के लिए गठित सलाहकार आयोग में भारतीय मूल के तीन अमेरिकी नागरिकों को नामित किया है।
यह आयोग संघीय कार्यक्रमों तक पहुंच और भागीदारी बढ़ाने में राष्ट्रपति की मदद करता है।
ओबामा ने बुधवार को सलाहकार आयोग के 16 सदस्यों की नियक्ति की घोषणा करते हुए कहा, "कुशल व्यक्तियों एवं इन समर्पित पुरुषों तथा महिलाओं को सौंपी जा रही उनकी नई भूमिका से हमारे राष्ट्र की बेहतर सेवा होगी। आगामी महीनों और वर्षो में इनके साथ कार्य करते हुए देखते हैं।"
ये तीनों भारतीय अमेरिकी हैं- फारूक कथवाड़ी, सुनील पुरी और अमरदीप सिंह।
व्हाइट हाउस के अनुसार इन तीनों में से एक फारूक कथवाड़ी कश्मीर विश्वविद्यायल से स्नातक हैं तथा एथान अलेन इंटेरियर्स के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। वह 1988 से कंपनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।
कथवाड़ी ने कश्मीर अध्ययन समूह की पीठ, विदेश संबंध परिषद के सदस्य, अंतर्राष्ट्रीय राहत समिति के निदेशक एवं जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के कूटनीति अध्ययन संस्थान के निदेशक तथा अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थियों के पूर्व अध्यक्ष सहित कई संगठनों में बिना लाभ वाले पदों पर सेवा दी है।
उन्होंने कश्मीर विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य एवं राजनीति विज्ञान में बी.ए. की डिग्री हासिल की। न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल मार्केटिंग में एमबीए किया तथा डॉक्टरेट की दो मानद उपाधियां ग्रहण कीं।
दूसरे नियुक्त सहालकार सुनील पुरी प्रथम रॉकफोर्ड ग्रुप के अध्यक्ष एवं मालिक हैं। इसके अलावा उन्होंने 1984 में एक रीयल एस्टेट डेवलपमेंट फर्म की स्थापना की थी। वह रॉकफोर्ड क्षेत्र की आर्थिक विकास परिषद एवं रॉकफोर्ड कालेज के न्यासी बोर्ड सहित कई बोर्डो के सदस्य हैं।
पुरी रॉकफोर्ड कालेज से अकाउंटिंग (लेखा) में बी.एस. कर चुके हैं। उन्होंने रॉकफोर्ड कालेज में स्नातक के तौर पर कार्य किया है। इसके अलावा लंदन बिजनेस स्कूल तथा हारवर्ड बिजनेस स्कूल में एग्जक्यूटिव कोर्स कर रहे हैं।
तीसरे भारतीय अमेरिकी सलाहकार अमरदीप सिंह अमेरिका के सबसे बड़े नागरिक अधिकार संगठन 'सिख सहमिलन' के सह-संस्थापक तथा कार्यक्रमों के वर्तमान निदेशक हैं।
वर्ष 2002 में सिख सहमिलन से जुड़ने से पहले सिंह यूएस प्रोग्राम ऑफ ह्यूमन राइट्स वाच (एचआरडब्ल्यू) में शोधकर्ता के रूप में कार्य कर चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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