अमेरिका की मदद से दूसरी हरित क्रांति को बढ़ावा देगा भारत
दोनों देशों के बीच मंगलवार को दो दिवसीय कृषि वार्ता संपन्न हुई। इस बातचीत में विदेश सचिव निरुपमा राव और अमेरिकी विदेश विभाग में उप मंत्री (ऊर्जा, आर्थिक और कृषि मामले) राबर्ट हर्मेट्स शामिल हुए।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "कार्यदल ने सहयोग के विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जिनमें से कुछ कार्यो का चयन किया जाएगा।"
दोनों देशों ने रणनीतिक सहयोग बढ़ाने के लिए तीन कार्यदल गठित किए हैं। यह कार्यदल कृषि और खाद्य सुरक्षा, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि विस्तार, खेत से बाजार का जुड़ाव और मौसम और फसल पूर्वानुमान आदि के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए काम करेंगे।
नवंबर की शुरुआत में ओबामा की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए सार्थक पहल हो सकती है।
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पी. जे. क्राउले ने कहा था कि दुनिया की कृषि चुनौतियों से निबटने में अमेरिका भारत की महत्वपूर्ण भूमिका मानता है। उन्होंने कहा, "इस क्षेत्र में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, न सिर्फ अपने लिए बल्कि अपने क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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