आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में प्रदर्शन से तनाव
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने न्यायाधीश सीवी नागार्जुन रेड्डी के कमरे में तोड़फोड़ करने के साथ ही उन पर कागज और पुस्तकें फेंकीं। कार्य का बहिष्कार करने के बाद भी न्यायालय में कामकाज चलाने पर प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा न्यायाधीश पर निकाला।
न्यायालय परिसर में अराजकता का माहौल उत्पन्न हो जाने पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मीना कुमारी ने न्यायाधीश नागार्जुन रेड्डी के कमरे का जायजा लिया और प्रदर्शन कर रहे वकीलों से शांति पूर्वक विरोध करने के लिए कहा।
गौरतलब है कि न्यायालय परिसर में सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर गए तीन वकीलों की हालत गुरुवार को बिगड़ने लगी। इस दौरान अन्य न्यायालयों के वकीलों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनसे मिलकर उन्हें अपना समर्थन दिया।
प्रदर्शनकारी वकील सरकार द्वारा की गई विधि अधिकारियों की नियुक्ति में 42 प्रतिशत तेलंगाना की हिस्सादारी की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर एक प्रदर्शनकारी ने आत्मदाह का प्रयास भी किया।
वहीं, राज्य सरकार ने विधि अधिकारियों की नियुक्तियों में किसी तरह के पक्षपात से इनकार किया। सरकार ने इस मामले को सुलझाने के लिए दो सदस्यीय मंत्रियों की एक समिति बनाई है।
कानून मंत्री एम. वेंकट रमन राव ने गुरुवार को तेलंगाना के वकीलों के 'ज्वाइंट एक्शन कमेटी' (जेएसी) को बातचीत के लिए आमंत्रित किया। कानून मंत्री इस समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा, "यदि वे बातचीत के लिए आगे आते हैं तो हम उनकी सभी गलतफहमियों को दूर कर देंगे।"
जबकि, जेएसी का कहना है कि जबतक उनकी मांगों के पूरा होने का लिखित आश्वासन मुख्यमंत्री की तरफ से नहीं मिल जाता, तबतक वे बातचीत में हिस्सा नहीं लेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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