दिल्ली, हरियाणा में यमुना का जलस्तर घटा
नई दिल्ली। दिल्ली में रविवार को यमुना के जलस्तर में कमी आनी प्रारंभ हो गयी। इससे एक दिन पूर्व नदी का जलस्तर के खतरे का निशान पार कर जाने की वजह से करीब दो हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा था। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार सुबह यमुना का जलस्तर 206.49 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 1.66 मीटर ऊपर है लेकिन हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में कमी आई है।
अधिकारी ने बताया, "जलस्तर ने धीमी गति से घटना प्रारंभ किया है लेकिन यह अभी तक खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। हरियाणा से छोड़े जाने वाले पानी के स्तर में कमी आ रही है। रविवार सुबह आठ बजे तक करीब 41,748 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।" उन्होंने बताया, "हमें उम्मीद है कि रविवार शाम चार बजे तक जलस्तर घटकर 206.35 मीटर तक रह जाएगा। देर शाम तक यह और घटकर 204.83 तक आ जाएगा लेकिन हम इसकी पुष्टि नहीं कर सकते।"
यमुना के बढ़ते जलस्तर की वजह से शनिवार को दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ आ गई। पूर्वी और उत्तरी दिल्ली से 2000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। अधिकारी ने बताया कि यमुना का पुराना लोहे का पुल अब तक बंद है। उन्होंने बताया कि जब तक यमुना जलस्तर 206 मीटर से नीचे नहीं होगा, तब तक उसे चालू नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि गढ़ी मांडू, उस्मानपुर पुश्ता, जगतपुर गांव और शास्त्रीनगर जैसे निचले इलाकों में पानी भर गया है। स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए करीब 100 राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ)कर्मी तैनात किए गए हैं। वर्ष 1978 में आई बाढ़ के कारण 250,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे। उस समय नदी का जलस्तर 207.48 मीटर को पार कर गया था।












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