भारतीय-रूसी परिवहन विमान 2017 में भरेगा उड़ान
नई दिल्ली, 12 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय परिवहन विमान एएन 32 को स्थानांतरित करने के लिए डिजाइन किए गए भारतीय-रूसी मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (एमटीए) करीब सात साल बाद उड़ान भरने में सक्षम होगा।
यह विमान प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यो को अंजाम देने के लिए उपयोगी साबित होगा।
यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कंपनी (यूएसी) के उपमहानिदेशक ब्लादिमीर ए. बेलयाकोव ने इंडिया स्ट्रेटजिक से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मध्यम आकार के इस दो इंजन वाले विमान के विकास के लिए द्विपक्षीय समझौता किया है। करीब एक साल में इस विमान का प्राथमिक डिजाइन तैयार किया जाएगा जबकि उसके डेढ़ साल में इसका विस्तृत डिजाइन तैयार हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह विमान करीब सात साल बाद उड़ान भर सकेगा और उसके दो साल बाद इसका नियमित उत्पादन किया जा सकेगा।
समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए भारत आए एक रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे बेलयाकोव ने कहा कि एमटीए एक पूर्व सैन्य विमान होगा। यह कम समय में उतरने और उड़ान भरने में सक्षम होगा। यह हथियारों से पूरी तरह लैस 80 जवानों को ले जाने में भी सक्षम होगा।
यह एएन 32 विमानों की जगह लेगा। सोवियत युग के इन विमानों का यूक्रेन में मरम्मत और सुधार किया जा रहा है। एएन 32 विमान 1984 में पहली बार भारत आया था।
हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन अशोक नायक ने कहा कि दोनों देशों ने 30.03-30.03 करोड़ डॉलर की राशि का योगदान किया है। संयुक्त कंपनी की स्थापना बेंगलुरू में की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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