पादरी कुरान की प्रति न जलाने पर 'सैद्धांतिक' तौर पर राजी
वाशिंगटन/न्यूयार्क, 11 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका पर 2001 में हुए 9/11 के आतंकी हमले की नौंवी बरसी पर कुरान की प्रति जलाने की घोषणा कर दुनियाभर में निंदा का पात्र बनने वाले फ्लोरिडा के पादरी इस विवादास्पद योजना को अमल में न लाने पर 'सैद्धांतिक' तौर पर राजी हो गये हैं।
विवादास्पद पादरी टैरी जोन्स शुक्रवार रात न्यूयार्क पहुंचे। वह ग्राउंड जोरी के निकट प्रस्तावित इस्लामिक केंद्र से संबद्ध इमाम से मुलाकात करने यहां आए हैं।
'सीएनएन' के अनुसार पादरी ने हवाई अड्डे पर मौजूद संवाददाताओं से कहा, "फिलहाल मेरे पास आपको बताने को कुछ नहीं है।"
'सीएनएन' ने जोन्स से जुड़े के.ए. पॉल के हवाले से कहा है कि शनिवार को कुरान की प्रति नहीं जलाई जाएगी।
इससे पहले शुक्रवार को जोन्स ने कुरान की प्रति जलाने के बारे में दोनों ही तरह की बाते कही थीं जिससे अंतर्राष्ट्रीय विवाद पैदा हो गया था।
जोन्स ने 'सीबीएस' के कार्यक्रम 'द अर्ली शो' पर कहा था कि उन्होंने योजना रद्द कर दी है और उसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इसे अमल में लाया जाएगा।
जोन्स ने यह भी कहा कि फ्लोरिडा के इमाम मोहम्मद मसरी ने उनकी बैठक इमाम फैजल अब्दुल राऊफ के साथ कराने वादा किया है और कहा है कि इस्लामिक सेंटर ग्राउंड जोरी की जगह कहीं और बनाया जाएगा।
उधर मसरी ने कहा है कि राऊफ और जोन्स की बैठक अगले सप्ताह ही हो सकेगी, शनिवार को 9/11 हमलों की बरसी होने की वजह से ऐसा कर पाना मुश्किल होगा।
उधर राऊफ ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि वह शांति कायम रखने के लिए गंभीरता से प्रतिबद्ध किसी से भी मुलाकात करने को तैयार हैं, लेकिन ऐसी कोई बैठक अभी तय नहीं है।
राऊफ ने कहा, "इस्लामिक सेंटर के बारे में हमारी योजना में बदलाव नहीं आया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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