कुरान जलाने के खिलाफ ओबामा की चेतावनी (राउंडअप)
वाशिंगटन, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका पर 9/11 के आतंकी हमलों की नौंवी बरसी पर कुरान की प्रति जलाने की योजना को लेकर अमेरिकी पादरी द्वारा विरोधाभासी बयान दिए जाने के बीच राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उम्मीद जाहिर की है कि पादरी कुरान जलाने से बाज आएगा।
ओबामा ने अपनी उस चेतावनी को दोहराया है कि यह विवादास्पद घटना अलकायदा को युवकों की भर्ती करने में मददगार साबित होगी। ओबामा ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में शुक्रवार को कहा, "इंटरनेट के इस युग में यह कुछ इस तरह की घटना है, जो हमें काफी नुकसान पहुंचा सकती है।"
टेरी जोन्स की कुरान जलाने की योजना के बारे में पूछे जाने पर ओबामा ने कहा,"किसी धर्म के पवित्र ग्रंथ को जलाने का यह विचार इस देश के सिद्धांत के खिलाफ है।"
ओबामा ने कहा, "यह उस बुनियाद के खिलाफ है, जिस पर यह देश खड़ा हुआ है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह व्यक्ति कुरान का सम्मान करेगा और उसे जलाने से बाज आएगा।"
ओबामा ने आगे कहा, "लेकिन मैं कमांडर इन चीफ भी हूं, और हम आज काबुल में, अफगानिस्तान में हुए दंगे को देख रहे हैं, जिसने हमारे वर्दीधारी युवकों और युवतियों के लिए खतरा पैदा किया है, इसलिए एक बहुत ही स्पष्ट संदेश देने की मेरी जिम्मेदारी है कि इस तरह की का व्यवहार या कार्रवाई की धमकी हमारे लोगों को खतरे में डाल सकता है।"
इसके पहले पादरी जोन्स ने सीबीएस को सबसे पहले यह बता कर भ्रम पैदा कर दिया कि उसने इस योजना को रद्द कर दिया है। लेकिन सीएनएन के अनुसार उसके तत्काल बाद उसने फ्लोरिडा में संवाददाताओं को बताया कि कुरान जलाने की योजना अभी भी बरकरार है।
जोन्स ने कहा, "हम कुरान न जलाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। यह बिल्कुल ठीक है।" उसके बाद एक संवाददाता द्वारा चुनौती दिए जाने के बाद जोन्स ने कहा, "हम उम्मीद कर रहे हैं कि हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं।"
एक संवाददाता ने पूछा, "क्या आप इस घटना को अंजाम दोगे या नहीं?" इस पर जोन्स ने जवाब दिया, "हम वाकई में इस प्रश्न का जवाब देने के लिए फिलहाल तैयार नहीं हैं।"
जोन्स ने गुरुवार दोपहर एक स्थानीय मुस्लिम नेता से न्यूयार्क के प्रस्तावित इस्लामी केंद्र के स्थान में बदलाव का आश्वासन मिलने का दावा करते हुए कुरान जलाने की अपनी योजना रद्द कर दी थी।
जोन्स ने कहा कि वह शनिवार को न्यूयार्क जाकर प्रस्तावित मस्जिद से संबंधित धार्मिक नेता इमाम फैजल अब्दुल राउफ से मुलाकात कर नए स्थान के बारे में बातचीत करेंगे।
बाद में राउफ और फ्लोरिडा के मुस्लिम नेता मोहम्मद मसरी ने कहा कि मस्जिद की जगह बदलने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है।
चर्च से जुड़े एक अन्य पादरी वायेन सैप ने सीएनएन को बताया कि न्यूयार्क में इस बैठक की पुष्टि होने तक कुरान की प्रति जलाने की योजना स्थगित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि चर्च कुरान की प्रति जलाने के बारे में निर्णायक फैसला लेने के लिए 24 घंटे तक बैठक की पुष्टि किए जाने का इंतजार करेगा।
मस्जिद के स्थान और बैठक को लेकर गुरुवार शाम तक चर्चा उठती रही। बाद में जोन्स ने कहा कि उन्हें स्थान बदलने के समझौते के बारे में बताया गया, जबकि मसरी का कहना है कि वह राउफ के साथ बैठक तय कर रहे थे।
जेम्स ने राउफ के साथ बैठकों के आधार पर दावा किया कि मस्जिद ग्राउंड जीरो पर न बनाने का फैसला होने की वजह से वह कुरान की प्रति जलाने की योजना रद्द कर कर रहे हैं। जेम्स का दावा है कि उन्होंने यह कदम मसरी के साथ कई बैठकों के बाद उठाया। बाद में मसरी ने ऐसे किसी भी समझौते से इंकार किया।
इससे पहले पादरी द्वारा की गई कुरान की प्रतियां जलाने की घोषणा की दुनिया भर में कड़ी निंदा हुई।
कुरान मसले पर अफगानिस्तान 1 की मौत :
अमेरिकी पादरी की कुरान जलाने की योजना के खिलाफ अफगानिस्तान में हुए विरोध प्रदर्शन में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।
बदखशां प्रांत के प्रवक्ता मोहम्मद अमीन सोहैल ने कहा कि टेरी जोन्स की इस योजना के विरोध में उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान के फैजाबाद में जर्मन सेना के एक कैंप के बाहर हजारों लोग इकट्ठे हुए। भीड़ ने कैंप पर पथराव भी किया। भीड़ पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने गोलियां चलाई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
प्रांतीय पुलिस के प्रमुख अघा नूर केंतूज ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा होने से एक नागरिक की मौत हो गई।
कुरान मसले पर चिंता दूर करने की अमेरिकी कोशिश :
इधर नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात कर पादरी की कुरान जलाने की योजना पर नई दिल्ली की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की।
रोमर ने कहा कि इस 'विघटनकारी और अनुचित' घटना से मुंबई और न्यूयार्क पर हुए आतंकी हमलों जैसी गतिविधियों से निपटने में बाधा आएगी।
अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले में 2,500 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
बैठक के दौरान चिदंबरम ने कुरान की प्रतियां जलाने की योजना पर भारत की चिंता व्यक्त की।
मुलाकात के बाद रोमर ने पत्रकारों से कहा, "हमने आतंकवाद पर भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की।"
उन्होंने कहा, "मैंने चिदंबरम के सामने कहा कि अमेरिका कुरान को जलाने जैसी किसी भी कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है।"
रोमर ने कहा, "धार्मिक सद्भावना के लिए हमारी प्रतिबद्धता और स्पष्टता काफी महत्वपूर्ण है। मैं इस अनुचित, असहिष्णु, विभाजनकारी और अमेरिकी मूल्यों के विपरीत काम की निंदा करता हूं।"
भारतीय मुसलमानों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, "धार्मिक आजादी के मूल्य अमेरिकी संविधान में निहित हैं। हमारे कई प्रमुख मूल्य भारतीय समाज में व्याप्त मूल्यों के समान हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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