कुरान मसले पर अमेरिका ने की चिंता दूर करने की कोशिश (लीड-1)
रोमर ने कहा कि इस 'विघटनकारी और अनुचित' घटना से मुंबई और न्यूयार्क पर हुए आतंकवादी हमलों जैसे आतंकवादी गतिविधियों से निपटने में बाधा आएगी।
यह मुलाकात अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले की नौवीं बरसी की पूर्व संध्या पर हुई है। इस हमले में 2,500 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
बैठक के दौरान चिदंबरम ने फ्लोरिडा के एक चर्च द्वारा कुरान की प्रतियां जलाने की योजना पर भारत की चिंता व्यक्त की।
मुलाकात के बाद रोमर ने पत्रकारों से कहा, "हमने आतंकवाद पर भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की।"
उन्होंने कहा, "मैंने चिदंबरम के सामने कहा कि अमेरिका कुरान को जलाने जैसी किसी भी कार्रवाई का कड़ी निंदा करता है।"
रोमर ने कहा, "अमेरिका में 9/11 की बरसी पर एक भ्रमित व्यक्ति द्वारा कुरान की प्रतियां जलाने की योजना के बारे में हम जानते हैं। हमारे समुदायों की विविधता महत्वपूर्ण है और हम अपने सामूहिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मिलकर काम करेंगे।"
उन्होंने कहा, "धार्मिक सद्भावना के लिए हमारी प्रतिबद्धता और स्पष्टता काफी महत्वपूर्ण है। मैं इस अनुचित, असहिष्णु, विभाजनकारी और अमेरिकी मूल्यों के विपरीत काम की निंदा करता हूं।"
उन्होंने कहा जानबूझकर किसी धार्मिक किताब को जलाना घिनौना काम है। उन्होंने भारत के सहिष्णु समाज की प्रशंसा करते हुए यह बात कही।
भारतीय मुसलमानों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, "धार्मिक आजादी के मूल्य अमेरिकी संविधान में निहित हैं। हमारे कई प्रमुख मूल्य भारतीय समाज में व्याप्त मूल्यों के समान हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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