इंदौर में लेजर तकनीक से बाघ का इलाज
गौरतलब है कि पिछले दिनों श्यामू के शरीर से आपरेशन के जरिए ढाई किलोग्राम वजन का ट्यूमर निकाला गया था। उसके बाद टांके लगा दिए गए थे, मगर उसने उन टांकों को तोड़ दिया था, जिससे लगभग 12 इंच लंबा घाव हो गया है। इस घाव को भरने का जब कोई दूसरा उपाय नजर नहीं आया तब लेजर तकनीक का सहारा लिया गया।
चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया कि घाव को भरने के लिए लगभग आठ दिन लेजर तकनीक का उपयोग किया जाएगा। घाव पर दिन में एक बार 15 मिनट तक लेजर किरणें डाली जा रही हैं।
यादव ने बताया कि अभी मौसम अच्छा नहीं चल रहा है और संक्रमण का खतरा है, इसीलिए महू के पशु चिकित्सा महाविद्यालय से लेजर मशीन मंगाई गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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