बिहार के बाढ़ प्रभावितों के लिए विश्व बैंक देगा कर्ज
वाशिंगटन, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। सस्ते दर पर कर्ज देने वाली विश्व बैंक की संस्था अंतर्राष्ट्रीय विकास एसोसिएशन (आईडीए) ने बिहार में वर्ष 2008 में कोसी नदी में आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों में पुनर्वास प्रयासों के लिए 22 करोड़ डॉलर के कर्ज प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
बैंक ने गुरुवार को कहा कि बिहार कोसी बाढ़ सुधार परियोजना करीब 100,000 घरों, 90 पुलों और 290 किलोमीटर लंबी सड़कों के पुनर्निर्माण के माध्यम से बाढ़ राहत प्रयासों में मदद करेगी।
इसका उद्देश्य बाढ़ प्रबंधन क्षमता को मजबूत बनाकर भविष्य के खतरों को कम करना, आजीविका के साधानों की बहाली और एक आकस्मिक कोष के प्रावधान के माध्यम से बिहार की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाना है।
कोसी में वर्ष 2005 में आई बाढ़ से बिहार के पांच जिलों के करीब 33 लाख लोग प्रभावित हुए। करीब 10 लाख लोगों को बेघर होना पड़ा, 360 राहत शिविरों में करीब 460,000 लोगों ने शरण ली और करीब 500 लोगों को जान गंवानी पड़ी।
भारत में विश्व बैंक के निदेशक रॉबटरे जाघा ने कहा, "पिछले एक दशक से अधिक समय से बैंक आपदाओं से राहत के लिए सरकार की मदद कर रहा है। बिहार में पहले किए गए अपने प्रयासों से मिली सीखों का हम उपयोग करेंगे।"
इस परियोजना के मुख्य पांच चरण हैं।
* करीब 100,000 क्षतिग्रस्त मकानों का पुनर्निर्माण।
* संचार व्यवस्था ठीक करने के लिए क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों का पुनर्निर्माण। करीब 290 किलोमीटर लंबे राजमार्गो और जिलों की बड़ी सड़कों और 90 पुलों के पुनर्निर्माण से करीब 22 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
* बाढ़ प्रबंधन क्षमता में वृद्धि, जिसमें मुख्य जोर बिहार में बाढ़ भविष्यवाणी और बाढ़ से कटाव को रोकने की क्षमता बढ़ाने पर होगा।
* आजीविका बहाली और उसका विस्तार, इससे सामाजिक और वित्तीय क्षमता बढ़ाने तथा प्रभावित लोगों के रोजगार की संभावनाओं की बहाली और विस्तार में मदद मिलेगी।
* आपात प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार, इससे भविष्य में आपदाओं के दौरान आवश्यक कार्यो, वस्तुओं और सेवाओं के लिए आवश्यक आकस्मिक रकम उपलब्ध कराई जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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