दिल्ली में बाढ़ से निपटने के व्यापक प्रबंध : चौहान
नई दिल्ली, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री राजकुमार चौहान ने हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से बुधवार की शाम 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना नदी में बाढ़ आने की संभावनाओं को देखते हुए गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में आपात बैठक की और कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
चौहान ने बैठक में मंडलायुक्त के अलावा सभी जिलों के राजस्व उपायुक्त और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने बताया कि यमुना का जलस्तर गुरुवार सुबह 10 बजे 204़ 55 था जो खतरे के निशान से कम है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में फिलहाल बाढ़ आने की कोई संभावना नहीं है।
चौहान ने कहा कि दिल्ली के यमुना किनारे तथा निचले क्षेत्रों में यदि कहीं बाढ़ जैसी स्थिति बनती भी है तो इससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यमुना के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से पुन: अपील की कि वे तुरंत उस जगह को छोड़कर ऊंचे स्थान पर चले जाएं।
उल्लखनीय है कि हथिनीकुंड बैराज से जैसे-जैसे पानी छोड़ा जा रहा है, वैसे-वैसे यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार यमुना नदी का जलस्तर 10 सितम्बर को 206़ 90 मीटर होने की संभावना है। इसके बाद यमुना का जलस्तर स्थिर रहने का अनुमान है।
चौहान ने बताया कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बुध्वार को हथिनीकुंड बैराज से सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिस कारण गुरुवार को यमुना का जलस्तर बढ़कर 206़ 90 मीटर होने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने के कारण भी यमुना के जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है।
चौहान ने बताया कि दिल्ली में बाढ़ की आशंका को देखते हुए 74 नावों का इंतजाम किया गया है। राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ ) ने 9, राजस्व विभाग ने 13 व सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 52 नावों का इंतजाम किया है। इसके साथ ही एनडीआरएफ ने 26, राजस्व विभाग ने 42 गोताखोरों और बोटमैनों को स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के पास 85850 खाली सीमेंट के कट्टे 3582 क्यूबिक मीटर पत्थर, 5275 बल्लियां, 2700 लोहे की जालियां, 16 इंजन बोट, 11 ट्रक, 422 लाइफ जैकेट, 45 ड्रैगन लाइट आदि का इंतजाम किया गया है।
मंत्री ने बताया कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को यमुना बाजार, रिंग रोड, मजनूं का टीला, ओखला, बुराडी, जहांगीरपुरी, बाटला हाउस तथा अन्य निचले स्थानों पर अधिक पंप लगाने के आदेश दे दिए गए हैं। इसके अलावा नजफगढ़ नाला, जहांगीरपुरी नाला व यमुना नदी में गिरनेवाले सभी नालों के गेट बंद कर दिए गए हैं, ताकि यमुना का जलस्तर और न बढ़े।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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