हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान से नीचे, खतरा टला (लीड-1)
हरिद्वार के जिलाधिकारी आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि गंगा के जलस्तर के कम होने से अब खतरे जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि बुधवार रात को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 294 मिमी से एक मीटर ऊपर बढ़ जाने के कारण खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। लेकिन गुरुवार को दोपहर को गंगा का जलस्तर घटकर खतरे के निशान से नीचे आ गया।
सुंदरम ने बताया कि गंगा किनारे स्थित बिशनपुर गांव के आसपास चालीस गांवों पर मंडरा रहा खतरा भी टल गया है। उन्होंने बताया कि गांव के निकट एक तटबंध के कुछ हिस्से के क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते करीब 40 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था लेकिन प्रशासन की सजगता के चलते तटबंध की तत्काल मरम्मत कर दी गई जिसके कारण तटबंध टूटने से बहाव की चपेट में आ जाने का गांवों पर मंडरा रहा खतरा टल गया है।
उधर बाढ़ का खतरा टल जाने के बाद गंग नहर को पूरी तरह खोल दिया गया है। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता के.पी. सिंह के अनुसार गंग नहर को बहाव के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि बरसात के कारण गंगा में भारी मात्रा में गाद और मिट्टी आने के कारण नहर के प्रवाह को बंद कर दिया जाता है।
गौरतलब हो कि बुधवार को प्रदेश में हो रही भारी बरसात के चलते गंगा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से उपर चला गया था। जिसके चलते आसपास के गांवों पर बाढ़ में बहने का खतरा मंडराने लगा था। हालांकि संभावित खतरे के मद्देनजर प्रशासन पूरी चौकसी बरत रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सíवस।












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