ईरान से सकीना की जिंदगी बख्शने का अनुरोध (लीड-1)
बारॉसो ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह कार्य इतना अमानुषिक है कि इसे शब्दों में बयान करना नामुकिन है। उन्होंने यह टिप्पणी फ्रांस के स्ट्रॉसबर्ग में यूरोपीय संसद में अपने प्रथम सालाना संबोधन के दौरान की। यूरोपीय संसद आने वाले दिनों में एक प्रस्ताव पारित कर दो बच्चों की मां सकीना को सुनाई गई मौत की सजा की भर्त्सना कर सकती है। सकीना की सजा का अंतर्राष्ट्रीय जगत में विरोध होने के बाद जुलाई में इस पर अमल रोक दिया गया था, लेकिन उसके वकील का कहना है कि खतरा अभी टला नहीं है।
सकीना के वकील जावेद हुतान कियान का कहना है कि शुक्रवार को रमजान का पवित्र महीना समाप्त होते ही उसको कभी भी मौत के घाट उतारा जा सकता है।
इटली के राष्ट्रपति गियोर्गियो नैपोलितानो ने भी ईरान से सकीना को पत्थरों से मार-मारकर मौत के घाट न उतारने को कहा है। समाचार एजेंसी एकेआई के अनुसार नैपोलितानो ने मंगलवार को कहा कि उनका देश मानव जीवन की पवित्रता और स्वतंत्रता के खिलाफ किए जाने वाले इस घोर हानिकारक कदम के खिलाफ एकजुट है।
उन्होंने कहा, "इटली की सरकार और संस्थाएं इस ईरानी महिला की जिंदगी बचाने को पूर्णतया प्रतिबद्ध हैं और इसके खिलाफ जन अभियान लगातार जोर पकड़ रहा है।"
उधर, ईरान ने मंगलवार को इस बारे में यूरोपीय चिंताओं को खारिज करते हुए इस मसले पर बातचीत से इंकार कर दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रहीम मेहमानपारस्त ने कहा कि सकीना को हत्या और बेवफाई का दोषी ठहराया गया है और इस मामले को मानवाधिकारों से नहीं जोड़ा जा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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