वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहें बैंक : मुखर्जी
मुखर्जी ने कहा, "भारतीय बैंक काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनकी मुनाफा कमाने की क्षमता अच्छी है लेकिन अभी यह वैश्विक कंपनियों के बराबर नहीं है।"
उन्होंने कहा कि भारतीय बैंक नई प्रौद्योगिकी के उपयोग और आय एवं मुनाफा बढ़ाकर अपने आप को प्रतिस्पर्धी बनाएं।
मुखर्जी ने कहा, "वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं। भारतीय बैंकों को वैश्विक स्तर पर अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।"
सरकार ने संकेत दिया है कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को विदेशी बैंकों के लिए खोला जा सकता है। भारतीय बैंकों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाई जा सकती है और देश में बैंकिग सेवाएं संचालित करने के लिए नए विदेशी बैंकों को अनुमति दी जा सकती है।
मंगलवार को देश के बैंकिंग क्षेत्र के करीब 10 लाख कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। यह कर्मचारी विदेशी बैंकों को भारतीय बाजार में सेवाएं शुरू करने और बैंकों में विदेशी निवेश को मंजूरी देने का विरोध कर रहे हैं।
फिलहाल भारत में बैंकों में 49 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति है, इसके अलावा निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी मिलने पर और 25 प्रतिशत विदेशी निवेश भी किया जा सकता है इससे बैंकों में कुल 74 प्रतिशत विदेशी निवेश की छूट है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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