मध्यपूर्व शांति वार्ता सफल नहीं होगी : अहमदीनेजाद
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार ईरान में रमजान महीने के अंतिम शुक्रवार को 'कुद्स दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान देश भर में रैलियां आयोजित की जाती हैं। इस वर्ष की रैलियां संयोगवश ऐसे समय में आयोजित हो रही हैं, जब दो साल में पहली बार मध्यपूर्व में शांति के लिए वाशिंगटन में सीधी बातचीत आयोजित की गई है।
कुद्स दिवस का मुख्य आकर्षण तेहरान युनिवर्सिटी में जुमे की नमाज थी, जहां अहमदीनेजाद ने पहली तकरीर दी है।
अहमदीनेजाद ने वहां जुटे श्रद्धालुओं से कहा कि फिलीस्तीनी क्षेत्र का भविष्य खुद फिलीस्तीनी लोगों द्वारा निर्धारित किया जाएगा, "न कि वाशिंगटन, लंदन या पेरिस में।"
अहमदीनेजाद ने कहा, "यह वार्ता विफल हो जाएगी, क्योंकि बातचीत का एजेंडा अप्रासंगिक है और मुख्य मुद्दे पर केंद्रित नहीं है। मुख्य मुद्दा तो फिलीस्तीनी धरती से यहूदियों को हटाए जाने का है।"
अहमदीनेजाद ने कहा, "लेकिन अधिक महत्वपूर्ण बात तो यह है कि यहूदी साम्राज्य ही अपने आप में हर हाल में नष्ट होने वाला है।" इसके पहले अहमदीनेजाद ने मध्यपूर्व के नक्शे से इजरायल को मिटाने का आह्वान किया था और यहूदियों की विध्वंशक कार्रवाई (होलोकास्ट) पर सवाल उठाया था। इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनके बयान की निंदा हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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