जन्माष्टमी पर 'दही-हांडी' उत्सव की धूम
मुंबई। मुंबईवासियों ने गुरुवार को जन्माष्टमी के अवसर पर ड्रमों और ढोलक की थापों के बीच अपनी आंखें खोलीं। गोविंदाओं की टोलियां सुबह होते ही दही हांडी तक पहुंचने के लिए धूमधाम से निकल पड़ी थीं। ठाणे के पंचपखाडी क्षेत्र के गोविदाओं ने स्पेनिश टीम के नौ स्तरों वाले मानवीय पिरामिड बनाने के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ते हुए दही हांडी के लिए 10 स्तरों वाला पिरामिड बनाने का लक्ष्य तय किया है।
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वैसे गुरुवार सुबह रुक-रुककर बारिश होने की वजह से जन्माष्टमी की तैयारियां थोड़ा प्रभावित हुईं। बोरीवली के एक मानवीय पिरामिड में शामिल होने वाले गोविंदा ने बताया कि बाद में जब धूप निकली तब उन्हें लगा कि दही हांडी का आयोजन हो सकेगा और उन्होंने राहत की सांस ली। ठाणे, वरली, मलाबार हिल, दादर और बोरिवली में दही हांडी उत्सव अपने पूरे चरम पर है और यहां शाम 5.30 बजे तक ऐसा ही माहौल रहेगा।
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एक ओर जहां ज्यादातर गोविंदा समूह दही हांडी के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर दक्षिणी मुंबई के मलाबार हिल इलाके में एक छोटा सा समूह दही हांडी तोड़ने वाला पहला समूह बन गया है। इस समूह के एक प्रतिभागी ने बताया, "हमारा सुरक्षित ढंग से त्योहार मनाने का मकसद था। हमने हांडी को उतनी ही ऊंचाई पर रखने की कोशिश की जहां तक हम आसानी से पहुंच सकें क्योंकि हम अपने गोविंदाओं की जान जोखिम में नहीं डालना चाहते थे।"
इसके बाद दादर में गोविंदाओं की टोली ने हांडी फोड़ने में कामयाबी हासिल की। इस टोली में महिलाएं भी गोविंदा बनी थीं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से जुड़े इस खेल के लिए गोविंदा पिछले करीब दो महीने से अभ्यास कर रहे थे। इस साल इसके लिए खास तैयारियां की गई थीं। इस बार कुछ जगहों पर तो गोविंदाओं के लिए 25 लाख रुपये तक के पुरस्कार की घोषणा की गई है।












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