जन्माष्टमी : 'जय कन्हैया लाल की' से गूंजते रहे मंदिर (राउंडअप)

मंदिरों में सुबह से ही देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों में सुंदर झांकियों का लोगों ने देर रात तक आनंद उठाया। पूजा-अर्चना के साथ जगह-जगह दही हांडी या मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाने वाला यह त्योहार देश के कुछ हिस्सों में कल ही मना लिया गया था।

इस अवसर पर दिल्ली में मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सुसज्जित किया गया। भक्तों की सुरक्षा की दृष्टि से कुछ खास मंदिरों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए। इस अवसर पर श्रीकृष्ण को खासतौर पर मिसरी और माखन का भोग लगाया गया।

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोगों को जन्माष्टमी की बधाई दी है। सिंह ने अपने बधाई संदेश में जन्माष्टमी के पर्व को भगवान कृष्ण की शिक्षाओं, अनुशासन, ज्ञान और नि:स्वार्थ भाव से कार्य करने का उत्सव बताया है।

मुंबई में गोविंदाओं की टोलियां सुबह होते ही दही हांडी तक पहुंचने के लिए धूमधाम से निकल पड़ी थीं। वैसे गुरुवार सुबह रुक-रुककर बारिश होने की वजह से जन्माष्टमी की तैयारियां थोड़ी प्रभावित हुईं। जब धूप निकली तभी गोविंदाओं को लगा कि दही हांडी का आयोजन हो सकेगा और उन्होंने राहत की सांस ली।

दक्षिणी मुंबई के मलाबार हिल इलाके में गोविंदाओं का एक छोटा सा समूह दही हांडी तोड़ने वाला पहला समूह बना।

गोविंदाओं की कुछ टोलियों में तो महिलाएं भी शामिल रहीं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से जुड़े इस खेल के लिए गोविंदा पिछले करीब दो महीने से अभ्यास कर रहे थे। इस साल इसके लिए खास तैयारियां की गई थीं। इस बार कुछ जगहों पर तो गोविंदाओं के लिए 25 लाख रुपये तक के पुरस्कार की घोषणा की गई है।

इस पवित्र त्योहार के अवसर पर मथुरा और उसके आस-पास फैले ब्रज मंडल में उत्साह और खुशी का माहौल था। वृंदावन और मथुरा के मंदिरों में एक लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे।

गोकुल में शुक्रवार को नंदोत्सव मनाया जाएगा, 13 सितंबर को बलदेव दाऊजी में बलदेव चाट और 15 सितंबर को राधा अष्टमी का आयोजन होगा। वृंदावन स्थित इस्कॉन मंदिर में बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु पहुंचे और कीर्तन में हिस्सा लिस्सा लिया। आगरा में यमुना किनारे का मथुराधीश मंदिर भक्तों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

उधर पूरा बिहार भक्तिमय हो गया। पटना सहित राज्य के अधिकांश मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। पटना के इस्कॉन, गौड़ीया मठ, श्रीकृष्ण चेतना परिषद सहित कई मंदिरों में गुरुवार को जन्माष्टमी मनाई जा रही है।

राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद तथा मुंगेर सहित कई जिलों में कुछ स्थानों पर बुधवार को कृष्णजन्मोत्सव मनाया गया था।

उत्तर प्रदेश में अधिकांश मंदिरों में 'जय कन्हैया लाल' के जयकारे और 'गिरधर नागर नंदा, भजो रे हर गोविंदा' के भजन गूंजते रहे। श्रीकृष्ण के स्वागत के लिए राजधानी लखनऊ सहित पूरा राज्य धार्मिक उल्लास में डूबा रहा।

कृष्ण जन्मोत्सव के लिए राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राधाकृष्ण मंदिर, चौक स्थित कोनेश्वर मंदिर और चिनहट स्थित राधाकृष्ण मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया। लखनऊ में पुलिस लाइन सहित सैकड़ों स्थानों पर मनमोहक झ्झंकियां सजाई गईं।

मध्य प्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार दो दिन मनाया गया। ज्यादातर हिस्सों में बुधवार को जहां यह पर्व मनाया गया तो कुछ हिस्सों में गुरुवार को भी कृष्ण जन्मोत्सव की धूमधाम रही।

भोपाल के लक्ष्मीनारायण बिड़ला मंदिर में आकर्षक साज-सज्जा की गई। इसी तरह श्रीजी मंदिर लखेरापुरा, बांके बिहारी लालजी के मंदिर में भी इसे गुरुवार को मनाया जा रहा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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