अमेरिका की मध्यस्था में मध्य-पूर्व शांति सम्मेलन शुरू
वाशिंगटन, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका की मध्यस्थता में शुरू हुए मध्य पूर्व शांति सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इजरायली और फिलस्तीनी नेताओं से आग्रह किया कि इस सम्मेलन को 'उपलब्धि हासिल करने के अवसर' के रूप में लें क्योंकि ऐसा मौका दोबारा जल्दी नहीं आएगा।
ओबामा ने सम्मेलन में बातचीत से मध्यपूर्व के दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष का समाधान निकलने की उम्मीद जताई। सम्मेलन में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, फिलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र एवं जोर्डन के नेता भी मौजूद थे।
व्हाइट हाउस में नेतन्याहू, अब्बास, जोर्डन के शाहअब्दुल्ला द्वितीय और मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के साथ भोजन से पहले ओबामा ने स्पष्ट किया है कि "हमें कोई भ्रम नहीं है।"
ओबामा ने कहा, "भावनाएं गहरे तक समाई होती हैं, यही कारण है कि पीढ़ियों से दोनों देशों के बीच कोई समाधान नहीं हो पाया है। यह असाधारण रूप से जटिल समस्या है लेकिन हम जानते हैं कि मौजूदा स्थिति हमेशा नहीं चल सकती।"
शाम के समय दिए गए इस भोज में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर मौजूद थे। इसके अलावा रूस, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
नेतन्याहू ने कहा, "हम दो युद्धों के बीच केवल एक अंतराल नहीं चाहते, हम आतंक के विस्फोट के बीच एक अस्थाई राहत भी नहीं चाहते। हम ऐसी शांति चाहते हैं जिससे हमारी पूरी पीढ़ी और हमारे बच्चों और अगली पीढ़ियों के लिए संघर्ष का पूरी तरह अंत हो।"
अब्बास ने कहा, "हम इजरायली या फिलस्तीनियों की एक बूंद खून भी नहीं बहाना चाहते। हम दोनों देशों के बीच शांति चाहते हैं। शांति के एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर कीजिए और लंबे समय के लिए संघर्ष और दुख का अंत कर दीजिए।"
ओबामा ने कहा कि इन प्रयासों के लिए अमेरिका का पूरा समर्थन रहेगा। "हम इस प्रक्रिया में सक्रिय और स्थाई हिस्सेदार हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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