'पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चीन की भारी मौजूदगी'

वाशिंगटन स्थित राजनीतिक कार्यकर्ता सेंगे एच. सेरिंग ने भारत सरकार को पाकिस्तानी कश्मीर में चीन की वर्षो से मौजूदगी के बारे में चेताया है। सेरिंग भारत में मार्च, 2010 तक यानी एक वर्ष से अधिक समय रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (आईडीएसए) में विजिटिंग फेलो के रूप में रह चुके हैं।

सेरिंग ने कहा कि पश्चिम एशिया से समुद्री संपर्क मार्ग तक रणनीतिक रास्ता तैयार करने के मकसद से चीन ने इस सीमांत क्षेत्र में काराकोरम कॉरीडोर के विस्तार पर काफी निवेश किया है।

गिलगित-बाल्तिस्तान प्रांत में बहुरूपिया चरित्र वाले चीनियों की मौजूदगी को उजागर करते हुए सेरिंग ने कहा कि कॉरीडोर चीन-पाकिस्तान के सहयोग से बन रहा है और इसके तहत काराकोरम उच्चपथ (केएच) का विस्तार किया जा रहा है।

इसके साथ ही समानांतर रेल लाइन तथा तेल एवं गैस पाइप लाइन का निर्माण किया जाना है, जिससे चीन का पाकिस्तानी बंदरगाहों से तेजी से जुड़ाव होगा। यह बंदरगाह होरमुज और स्वेज नहर से सीधे तौर पर जुड़ जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान और भारत के अलावा तिब्बत तथा झिंजियांग से निकट है, इसलिए यहां मौजूदगी से चीन को कूटनीतिक, रणनीतिक, तार्किक एवं राजनीतिक फायदा होगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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