भारत बनाएगा दुनिया की सबसे बड़ी सौर दूरबीन
बेंगलुरू स्थित इंडियन इंस्ट्यिूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (आईआईए) ने 'नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप' (एनएलएसटी) परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए तकनीकी और वित्तीय बोली के लिए निविदा जारी की है।
सौर दूरबीन का डिजाइन तैयार करने और उसके निर्माण के लिए पिछले हफ्ते निविदा जारी की गई थी। दो मीटर लंबी इस सौर दूरबीन को तैयार करने में 150 करोड़ रुपये की लागत आएंगी।
आईआईए के निदेशक सिराज हसन ने आईएएनएस को बताया, "सौर दूरबीन से सूर्य की सूक्ष्म संरचना के अध्ययन और प्रकृति के गूढ़ तथ्यों को समझने में मदद मिलेगी।"
सूर्य के वैज्ञानिक अध्ययन में विशेष उपकरणों के इस्तेमाल को देखते हुए इन विशेष दूरबीनों के निर्माण का प्रस्ताव तय किया गया है। वैज्ञानिक सबसे बड़ी दूरबीन और विशेष शीशे वाले उपकरणों की मदद से सूर्य की किरणों का सीधा अध्ययन करेंगे।
इस अनोखी परियोजना में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो), आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑबजर्वेशनल-साइंस, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च एण्ड इंटर-युर्निवसिटी सेंटर जैसे वैज्ञानिक संस्थान शामिल हैं। आईआईए इसके लिए एक नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा।
गौरतलब है कि अभी दुनिया की सबसे बड़ा सौर दूरबीन 'मेक मैथ-पायरस सोलर टेलीस्कोप' अमेरिका में अरिजाना के में है। इसकी लंबाई 1.6 मीटर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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