बुद्धिजीवियों की नक्सलियों से बंधकों को छोड़ने की अपील

पटना, 2 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के बुद्धिजीवियों ने नक्सलियों से बंधक बनाए गए चार पुलिकर्मियों को छोड़ देने की अपील की है।

बिहार के प्रसिद्ध गांधीवादी डॉ़ रजी अहमद सहित 10 से ज्यादा बुद्धिजीवियों ने नक्सलियों से बंधक बनाए गए चार पुलिसकर्मियों को मानवीयता के आधार पर छोड़ देने की अपील की है। बुद्धिजीवियों ने सरकार से भी नक्सलियों से बातचीत कर समस्या का राजनीतिक समाधान निकालने को कहा है।

उन्होंने एक बयान जारी कर कहा है कि जबरन अपनी बात मनवाने के लिए हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। बुद्धिजीवियों ने सरकार से भी अपील की है कि वह दमन बंद करे और नक्सलियों के साथ बातचीत का दरवाजा खोले।

बयान जारी करने वालों में अहमद सहित डॉ़ शंकर शरण, नवेंदु, ईश्वरी प्रसाद, अरुण कमल और जावेद अख्तर शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि रविवार को लखीसराय के कजरा थाना क्षेत्र में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में नक्सलियों ने चार पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया था। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)के प्रवक्ता अविनाश ने मंगलवार को स्थानीय चैनलों को फोन पर कहा कि रविवार को लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र में उनके लोगों ने पुलिस दल पर हमला करने के बाद राज्य के दो पुलिस निरीक्षक (एसआई) और बिहार सैन्य बल (बीएमपी) के दो जवानों को कब्जे में ले लिया है।

बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों में रूपेश कुमार सिंहा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय), एहतशाम खान (मांडर, रांची) तथा लुकस टेटे (सिमडेगा, झारखंड) शामिल हैं।

नक्सलियों ने बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को छोड़ने के एवज में सरकार के सामने उनके आठ साथियों को छोड़ने की शर्त रखी है। इसके लिए पहले बुधवार शाम चार बजे तक का और बाद में गुरुवार को सुबह 10 बजे तक का समय दिया गया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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