मलेशिया में फंसे हैं 8 भारतीय युवक
कबूतरबाजों के चक्कर में पड़कर कुशीनगर जनपद के आठ युवक मलेशिया में फसे हुए हैं। इन युवकों को न तनख्वाह मिल रही है, न ही पेटभर भोजन। इन युवकों को एक कोठरी में बंद करके सख्त पहरे में रखा गया है तथा ठेकेदार द्वारा उनसे जबरन बेगारी कराया जा रहा है। इन युवकों के परिजनों ने नेबुआ नौरंगिया थाने में प्रार्थनापत्र देकर अपने बच्चों को सही सलामत वापस कराने की गुहार लगाई है।
नेबुआ-नौरंगिया थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष श्यामदास भारती का कहना है कि पूछताछ के लिए दो ऐजेंटों को थाने में बैठाया गया है। पुलिस अधीक्षक वी.डी. पंसल ने बताया कि इन युवकों की रिहाई की कार्यवाही की जा रही है। उन्हें अति शीघ्र वापस लाया जाएगा।
गोरखपुर के शाहपुर पुलिस ने इसी तरह के एक मामले में जालसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ये बेरोजगार युवक लाखों रुपये कमाने के चक्कर में इन कबूतरबाजों को एक-एक लाख रुपये दे दिए। कबूतरबाजों ने इन लोगों को टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया में एक ठेकेदार के पास भेज दिया।
बेरोजगार युवक सेखुई के मुन्ना पाल, भुजौली के अजीत चौबे, गोईती बुजुर्ग के मिंटू मिश्रा, सरगटिया के भूपेंद्र चौधरी, प्रेमचंद्र गुप्ता, अरुण गुप्ता, किसुनपुर-विजयपुर के राहुल शुक्ला तथा हृदयानंद तिवारी जब मलेशिया पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। उन्हें जिस काम के लिए भेजा गया था, वह काम न देकर ठेकेदार मनमाने तरीके से काम लेने लगा और इन सभी को कैद कर लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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